आधी रात तेज गर्जना के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया जो करीब दो घंटे तक जारी रहा जिससे किसानों को नुकसान हुआ
चौसला. रविवार आधी रात हुई बारिश व तेज हवा से बाजरे के साथ ही तिलहनी फसलों में किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा। इससे किसान मायूस हो गए है। रविवार दोपहर से ही आसमान में बादल मंडरानने लग गए थे। आधी रात तेज गर्जना के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया जो करीब दो घंटे तक जारी रहा। जिससे किसानों को फायदा कम नुकसान अधिक हुआ। क्षेत्र के अधिकांश खेतों में किसानों ने बाजरा, मंूग, चवला, तिल ग्वार, ढांढून आदि फसलें बोई थी। ग्वार के अलावा सभी फसलों की पिछले 6 -7 दिनों से कटाई कर रहे थे। अचानक मौसम के करवट बदलने से कटी हुई फसल खेतों में भीग गई। किसानों ने बताया कि अगेती बाजरे की फसल में भी चेंपा व बारिश होने से सिट्टे काले पड़ गए है, जिससे बाजरे की क्वालिटी भी बदरंग हो गई है। जिसका किसानों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बाजार में भाव पूरे नहीं मिल रहे है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि बेमौसम हुई बारिश से फसलों मेंं नुकसान हुआ है, लेकिन जिन किसानों ने ग्वार व तिल की किस्मों की बुआई की है उन्हें इस बारिश से लाभ होगा। किसान मांगीलाल ने बताया कि खेत में पानी भरने के कारण मंूग व बाजारा की फसल काली पड़ गई है। जानकारी के अनुसार कस्बे सहित आस-पास के गांवों में रविवार रात हुई बारिश किसानों की फसले बर्बाद कर दी है। लोहराणा के किसान राजूराम, छीतरमल व महेन्द्र ने बताया कि पहले दिन हुई बारिश से तो ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। लेकिन रविवार रात तेज बारिश होने के कारण फसलों में काफी नुकसान हो गया है। कई नीचले खेतों में पानी भरने के कारण जलमग्न हो गए है।