Nagaur. अमृत जल योजना में खुदाई से टूटी लाइन तो भडक़ा असंतोष -शहर के बाजरवाड़ा में नई पाइपलाइन डाले जाने के लिए हुई खुदाई पर नाराज क्षेत्रवासी उतरे सडक़ पर, किया प्रदर्शन, दोनों पक्षों में गर्मागरम बहस
नागौर. शहर के बाजरवाड़ा में अमृत जल योजना में मंगलवार को दोपहर पाइप लाइन डालने के दौरान विवाद हो गया। पुरानी पाइप लाइन तोडऩे पर भडक़ी महिलाएं व पुरुष सडक़ पर आ गए। जेसीबी के सामने खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। इससे जेसीबी से हो रही खुदाई रुक गई। दोनों पक्षों के बीच गर्मागरम बहस होने लगी। क्षेत्रवासियों का कहना था कि उन लोगों को इस नई पाइपलाइन की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद भी इसे तोड़ दिया गया। यही नहीं, खुदाई के चलते करीब पचास पानी के कनेक्शन तोड़े जाने का भी आरोप लगायाद्ध इसको लेकर करीब आधे घंटे तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। जानकारी मिलने पर नगरपरिषद से पहुंचे कनिष्ठ अभियंता माणकचंद सांखला आदि ने बातचीत कर समझाया, और पुरानी पाइपलाइन जोडे जाने के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद लोग माने।शहर में अमृत जल योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन डाले जाने का काम चल रहा है। इसी क्रम में पाइपलाइन डालने के लिए अमृत जल योजना की टीम बाजरवाड़ा पहुंची। यहां पर जेसीबी से खुदाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान पहले से लगी पुरानी लाइन भी जेसीबी से टूट गई। पाइपलाइन टूटने पर क्षेत्र के लोग एकजुट होकर वहां पहुंच गए, और जेसीबी के सामने ही खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। जेसीबी चालक से तत्काल कार्य रोकने के लिए कहा गया, इसके बाद भी चालक नहीं माना तो लोग जेसीबी के बिलकुल सामने खड़े हो गए। इससे खुदाई का काम रोकना पड़ा। क्षेत्र के फारुक एवं जुबेदा ने बताया कि उनके क्षेत्र में पुरानी पाइपलाइन से बढिय़ा पानी आ रहा था। इस योजना के तहत लाइन डालने की जरूरत नहीं होने के बाद भी खुदाई कराकर पुरानी लाइन को तोड़ दिया। उनके पानी के कई कनेक्शनों को तोड़ दिया गया। विवाद की जानकारी मिलने के बाद कनिष्ठ अभियंता ओमाराम व कार्यवाहक कनिष्ठ अभियंता माणकचंद सांखला पहुुंचे। दोनों ने क्षेत्रवासियों से बातचीत कर उनको समझाया। पुरानी पाइपलाइन का कनेक्शन भी जोड़ा गया। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।
इनका कहना है...
बाजरवाड़ा में अमृत योजना के तहत काम किया जा है। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने एतराज जताया, लेकिन जाकर बातचीत की गई। इसके बाद उनको समझाया तो वह मान गए। नई लाइन चालू होने पर ही पुरानी लाइन बंद की जाएगी।
माणकचंद सांखला, का. वा. कनिष्ठ अभियंता नगरपरिष