नागौर

7 वर्ष की उम्र में विवाह, दो बच्चों के जन्म के बाद पति ने छोड़ा साथ; हौंसलों ने उड़ान भरी तो सुनीता बनी प्रोफेसर

Women’s Day 2025: सुनीता समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रही हैं और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर सभव प्रयास कर रही हैं।

less than 1 minute read
Mar 08, 2025

Women’s Day 2025: खींवसर। ग्राम धरणावास निवासी सुनीता प्रजापत की कहानी आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। सात वर्ष की आयु में विवाह के बाद दो बच्चों की मां बन गई और 25 वर्ष की उम्र में पति की मौत हो गई। फिर भी हिम्मत नहीं हारी और अपने बच्चों के साथ ख़ुद को इस क़ाबिल बनाया कि समाज में सर उठाकर जी सके।

शुरू में बहुत मेहनत करनी पड़ी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी पढ़ाई के साथ कपड़े सिलकर व प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर अपना व बच्चों का पेट भरा। इसी जज़्बे के साथ सुनीता आगे बढ़ती गईं पहले तृतीय श्रेणी शिक्षक फिर द्वितीय श्रेणी फिर प्रथम श्रेणी और आज जायल राजकीय महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं।

सुनीता को देखकर न केवल समाज व परिवार की लड़कियां आगे बढ़ी, बल्कि उन्होंने सम्पूर्ण नारी शक्ति के लिए एक उदाहरण पेश कर सभी महिलाओं व बालिकाओं को समानित जीवन जीने की प्रेरणा दी है। सुनीता समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रही हैं और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर सभव प्रयास कर रही हैं।

Published on:
08 Mar 2025 03:08 pm
Also Read
View All

अगली खबर