
नागौर/संखवास. कस्बे के आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार को लगने वाले महिला नसबंदी शिविर में नसबंदी के लिए आई महिलाओं ने हंगामा मचाते हुए अस्पताल कर्मियों पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। गुस्साई महिलाओ का कहना था कि नसबंदी करने के बाद शाम को वापस घर छोडऩे के लिए आई एम्बुलेंस में बैठने के बाद आई एएनएम प्रकाश ने उनको नीचे उतार कर अपने चहेतों को बैठाया तथा एम्बुलेंस रवाना करने के लिए चालक को कहा। इस पर महिलाओं व पास खड़े ग्रामीणों ने हंगामा मचा दिया। नीचे उतारी गई महिला अस्पताल के बाहर ही जमीन पर लेट गई, तो कोई दुकान के पास छांव में जाकर लेट गई। मौके की नजाकत देखते हुए एएनएम अपनी स्कूटी लेकर खिसक गई। हंगामा बढ़ जाने पर थोड़ी देर में एएनएम प्रकाश वापस आकर एम्बुलेंस चालक की गलती बताने लग गई। नसबंदी कराने आई महिलाएं गर्मी में अव्यवस्था होने से आंगन में सोने को मजबूर हुई। गौरतलब है कि आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को महिला नसबंदी शिविर में आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आई महिलाओं ने नसबंदी ऑपरेशन कराया। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था कि नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को घर पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस भी बुला ली गई और महिलाओं को एम्बुलेंस में बैठा भी दिया था। तब ही डयूटी पर मौजूद खुडख़ुड़ा में कार्यरत एएनएम प्रकाश ने एम्बुलेंस चालक को अन्दर बैठी महिलाओं को नीचे उतारकर अपनी चहेतों को बैठाने को कहा। लगभग १०-१५ महिलाओं को नीचे उतारा तो महिलाएं वहीं जमीन पर लेट गई। यह देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया कि महिलाओं को नीचे क्यों उतारा ।
चिकित्सक ने की समझाइश
हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल से डॉ. मोहित सांदू ने हंगामा कर रही महिलाओं वह ग्रामीणों से समझाइश की । उन्होंने कहा और एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दी है। सभी को उनके घर पर छोड़ा जाएगा। डॉ. सांदू के आश्वासन के बाद बड़ी मुश्किल हंगामा कर रही महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ।