MP News: एमपी की जिला अदालत ने अमिताभ बच्चन और सोनी नेटवर्क के सीईओ के खिलाफ परिवाद स्वीकार कर जांच के आदेश दिए हैं।
Case Against Amitabh Bacchan: टीवी के लोकप्रिय कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति में उज्जैन के नागदा को पानी की समस्या से जूझता छोटा सा गांव बताने के कथित बयान ने कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। ज्यायालय अभिनेता अमिताभ बच्चन और सोनी नेटवर्क के सीईओ गौरव बैनर्जी (Sony Network CEO Gaurav Banerjee) के खिलाफ दायर परिवाद को स्वीकार करते हुए सीआइएस में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए है। साथ ही संबंधित थाने से जांच प्रतिवेदन मांगा गया है, जिसे अगली सुनवाई 9 अप्रेल को प्रस्तुत करना होगा। यह परिवाद 18 फरवरी को अभिभाषक लक्ष्मण सुंदरा ने दायर किया है। प्रकरण की पैरवी अभिभाषक राजेश मंडवारिया और दीपमाला अवाना ने की। (MP News)
अभिभाषक जैना श्रीमाल के अनुसार 23 दिसंबर को प्रसारित कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati) शो में एंकर अमिताभ बच्चन ने नागदा को छोटा गांव और पानी संकटग्रस्त बताया गया, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। आवेदन में कहा कि नागदा मालवा का प्रमुख रेलवे जंक्शन है। इसकी आबादी डेढ़ लाख से अधिक है। यह औद्योगिक नगर की श्रेणी में आता है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।
प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी थी, जो वर्तमान में लंबित है। शहर का उल्लेख पुराणों में मिलता है। इसे महाभारतकालीन नगरी बताया गया है। शहर के समीप चंबल नदी बहती है, जिसमें वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है। इसी से औद्योगिक इकाइयों का संचालन होता है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि कार्यस् म के प्रसारण के बाद नागदा की छवि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है। न्यायालय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच प्रतिवेदन तलब किया है। अब 9 अप्रैल की सुनवाई पर अगला घटनाक्रम स्पष्ट होगा। (MP News)