
CG News: गारपा बालक आश्रम शाला में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हैं। इस बालक आश्रम शाला में पानी की समस्या के चलते बच्चों नाला के पानी से नहाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्रतिदिन नित्यक्रिया के लिए जंगल का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जर्जर किचन शेड में बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन बनाने की कवायद की जा रही है। इस तरह की समस्या सालों से चलती आ रही है। जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर गारपा में बालक आश्रम शाला संचालित है।
इस आश्रम शाला के पहली कक्षा में 7, दूसरी में 8, तिसरी में 9, चौथी में 7 एवं पांचवी में 5, छठवीं में 6, सातवीं में 4 एवं आठवीं में 6 कुल 52 बच्चे अपना भविष्य गढ़ रहे है। गारपा बालक आश्रम शाला में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इस आश्रम शाला में स्कूल भवन का अभाव है। इस भवन को चारदीवारी में बनाकर 3 कमरों विभाजित किया गया है।
इसके साथ ही आश्रम शाला में बच्चों के लिए बनने वाला पौष्टिक आहार जर्जर किचन शेड ने बनाया जा रहा है। आश्रम शाला में पलंग, गद्दा, मच्छरदानी सहित अन्य संसाधनों का अभाव बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को बच्चों की समस्याओं से कोई सरोकार नजर नहीं आता है।
इस आश्रम शाला में विद्युत का अभाव होने के चलते भवन को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है। लेकिन सौर ऊर्जा की बैटरियां बरसात के दिनों में दम तोड़ देती है। इससे आश्रम शाला को सोलर पैनल छोटे लाईट से रात के समय मे रोशन कर रात बितानी पड़ती है।
आश्रम शाला में अध्ययन कार्य के लिए जगह का अभाव बना हुआ है। इससे छात्र जर्जर भवन के 1 कमरे का उपयोग सोने के लिए करते है। दूसरे कमरे चौथी एवं पांचवी की कक्षा संचालित की जाती है। वही पहली से तीसरी की कक्षा शेड्नुमा भवन संचालित होती है।
CG News: शिक्षिका पूजा देवी परहा ने बताया कि आश्रम शाला जर्जर हो गया है। लेकिन सड़क नहीं होने के चलते सामग्री नहीं पहुच पाती थी। इससे सड़क जल्द बनने की उम्मीद है। इससे आश्रम की समस्याओं का समाधान होगा। आश्रम शाला में अधिकारी निरीक्षण करने आते है। इस दौरान समस्याओं से अवगत होते हैं। लेकिन सड़क के अभाव में समस्या जस के तस रह जाती है।