Ratan Dubey murder case: रतन दुबे हत्याकांड मामले की जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंपी थी।संभाग में पहली बार एनआईए की इस कार्रवाई से प्रशासनिक, पुलिस व राजनैतिक हलकों में जमकर चर्चा हो रही है।
Ratan Dubey murder case: लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य सहित देश भर में कई जगह राजनैतिक दल के प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले होते रहे हैं। इनमें कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। राजनैतिक रंजिश की वजह से होने वाली इन हत्याओं के बाद जैसे ही सत्ता बदलती है, इन हत्याओं को भुला दिया जाता रहा है। कुछ बड़े नेताओं की बात को छोड़ दिया जाए तो जिला स्तरीय संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की हत्या को साधारण मानकर राजनैतिक पार्टियां अधिक तूल भी नहीं देती है।
इसी तरह की घटनाएं बस्तर में भी हुई हैं। इन्हें नक्सल हत्या कहकर पुलिस भी फाइल बंद करने जल्दबाजी दिखाती चली आई है। हालांकि इस मर्तबा चुनाव के दौरान हुई इन नक्सल हत्याओं की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कर रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान 4 नवम्बर 2023 को जिले के कौशलनार बाजार में नक्सलियों ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष तथा विधानसभा संयोजक रतन दुबे की नक्सलियों ने कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी।इस हत्या के पीछे नक्सल वारदात वजह बताई गई थी।
रतन दुबे हत्याकांड मामले की जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंपी थी।संभाग में पहली बार एनआईए की इस कार्रवाई से प्रशासनिक, पुलिस व राजनैतिक हलकों में जमकर चर्चा हो रही है। संभाग में एनआईए की यह बड़ी रेड है। नकद व अन्य सामान बरामद : एनआईए ने तोयनार, कौशलनार, बडेनहोद, धौड़ाई, महिमागवाड़ी, ओरछा, कोंगेरा गांवों में 12 स्थानों पर छापेमारी की । इस छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन, एक टेबलेट और 9.90 लाख रुपये नकद के साथ-साथ नक्सल पर्चे और साहित्य भी बरामद किया गया है।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के संदिग्ध सदस्यों द्वारा रतन दुबे की हत्या के मामले की जांच के सिलसिले में एक दर्जन स्थानों पर छापेमारी की। एनआईए की अब तक की जांच के अनुसार प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से जुड़े हथियारबंद हमलावरों ने भाजपा नेता की हत्या की थी।