two lane road: राजधानी भोपाल को जाम से राहत देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने साढ़े चार करोड़ की लागत से नई सड़क बनाने का फैसला लिया। अब सड़क यात्रियों को इस गांव का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
two lane road: मध्य प्रदेश के राजधानी भोपाल तिराहे पर निर्माणाधीन टू लेन सड़क के पास से ही यह सड़क बनाई जाएगी। नर्मदापुरम शहरवासियों के लिए जल्द ही अब एक नई सड़क की सौगात मिलने वाली है। इसके निर्माण के बाद भोपाल तिराहे से हरदा रोड जाने के लिए लोगों को ग्वालटोली का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे लोगों का समय और ईंधन की बचत होगी।
लोक निर्माण विभाग भोपाल तिराहे से एक नई सड़क बनाएगा। 4 करोड़ 57 लाख 88 हजार की लागत से बनने वाली यह सड़क भोपाल तिराहे को सीधे हरदा रोड को जोड़ेगी। सड़क की कुल लंबाई 0.78 किमी होगी। बीच में नाला होने की वजह से पुलिया निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही भोपाल तिराहे के पास सड़क की ऊंचाई अधिक होने की वजह से सड़क को ब्रिज की एप्रोच रोड की तरह ही बनाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ राजीव पाठक का कहना है कि भोपाल तिराहा हरदा रोड को सीधे जोड़ने के लिए सड़क निर्माण किया जा रहा है। 0.78 किमी की यह सड़क भोपाल तिराहे से एसपीएम पुलिया के पास तक यह सड़क बनेगी।
नगर पालिका भोपाल तिराहे का सौंदर्गीकरण करवा रही है। इसके लिए नगर पालिका 1 करोड़ 70 लाख की लागत से यह काम करवा रही है। वहीं तिराहे से बुदनी तक नई टूलेन सड़क भी बनाई जा रही है। अब लोक निर्माण विभाग भी नई सड़क का निर्माण करवाएगा। सभी निर्माण कार्य पूरे होने के बाद भोपाल तिराहे का स्वरूप भी ही बदल जाएगा। इससे शहरवासियों को तो सुविधा मिलेंगी साथ ही बाहर से आने वाले या हाईवे से गुजरने वाले लोगों को भी बेहतर अनुभव होगा।
अभी बड़े वाहनों को या तो ग्वालटोली या हरदा बायपास होकर जाना पड़ता है। नई सड़क बनने से हरदा रोड की ओर से आवागमन करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। विभाग जिस जगह पर सड़क निर्माण करवा रहा है, वहां बारिश के मौसम में बाढ़ के दौरान नर्मदा का बेकवाटर जमा हो जाता है। इस वजह सड़क पर आवागमन भी बंद हो जाता है। मास्टर प्लान के तहत नपा से सालों पहले इस जगह पर बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव दिया था जिसे शासन ने डूब क्षेत्र बताते हुए निरस्त कर दिया था।
अनुबंध की शर्त के तहत आगामी 10 माह में सड़क निर्माण होना है। इस अवधि में बारिश का मौसम भी शामिल है। विभाग ने भले ही यह शर्त बताई हो, लेकिन बारिश के दौरान नाला ओवरफ्लो होने से पूरे क्षेत्र में पानी ही पानी हो जाता है। इसी जगह सीवेज सिस्टम के पंपिंग स्टेशन का काम नाला ओवरफ्लो होने की वजह से पिछड़ रहा है।