MP Election 2023: पिपरिया विधानसभा सीट पर अब तक हुए 15 चुनाव में आठ बार कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, लेकिन पिछले पंद्रह साल से यहां भाजपा का कब्जा है...
MP Election 2023: पिपरिया विधानसभा सीट पर अब तक हुए 15 चुनाव में आठ बार कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, लेकिन पिछले पंद्रह साल से यहां भाजपा का कब्जा है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी इसी विधानसभा सीट का हिस्सा है। पिपरिया की तुअर दाल भी देश में मशहूर है। भाजपा की नाबाद जीत का सिलसिला वर्ष 2008 के चुनाव से शुरू हुआ। यहां से ठाकुरदास नागवंशी जीत की तिकड़ी बना चुके हैं। हालांकि पार्टी को मिलने वाले वोट का प्रतिशत लगातार कम होता जा रहा है।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पिपरिया विधानसभा में अब तक 15 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। शुरुआती दौर की बात करें तो लगातार पांच बार यह सीट कांग्रेस के कब्जे में रही है। कुल 8 बार पिपरिया की जनता ने कांग्रेस का विधायक चुना। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले वोट का प्रतिशत 2008 और 2013 के चुनाव से कम रहा। 2008 में भाजपा का वोट प्रतिशत 51.34 था। 2013 में भाजपा ने 61.21 प्रतिशत वोट अर्जित किए। 2018 के चुनाव में भाजपा को 49.97 प्रतिशत ही वोट मिले। पांच साल में 14669 मतदाता बढ़े पिपरिया विधानसभा में 2018 के चुनाव में 206653 मतदाता थे। 2023 में यह संख्या बढकऱ 221322 हो गई। इस तरह पांच सालों में पिपरिया विधानसभा में 14669 मतदाता बढ़ गए हैं। इसमें पहली बार मतदान करने वालों की संख्या 6397 है।
पिपरिया विधानसभा में रहे विधायक
- 1951- नारायण सिंह, कांग्रेस
- 1957- रतन कुमारी, कांग्रेस
- 1962- रतन कुमारी, कांग्रेस
- 1967- रतन कुमारी, कांग्रेस
- 1972- रतन कुमारी, कांग्रेस
- 1977- राम चंद्र माहेश्वरी, जनता पार्टी
- 1980- सविता बनर्जी, कांग्रेस (आई)
- 1985- त्रिभुवन यादव, कांग्रेस
- 1990- मुरली धर माहेश्वरी, भाजपा
- 1993- सुरेश राय, कांग्रेस
- 1998- हरिशंकर जायसवाल, भाजपा
-2003- अर्जुन पलिया, समाजवादी पार्टी
- 2008- ठाकुर दास, भाजपा
- 2013- ठाकुरदास नागवंशी, भाजपा
- 2018- ठाकुरदास नागवंशी, भाजपा