नर्मदापुरम

MP News: टाइगर ने इंसान का शिकार कर खाया आधा शरीर, टुकड़ों में मिली बॉडी

MP News: जंगल में महुआ बीनने गया था ग्रामीण, टाइगर ने शिकार कर हाथ और पैर खा लिए, परिजनों को टुकड़ों में मिला शरीर।

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Tiger Attack in Satpura Reserve Man Killed Body Partially Eaten (demo pic)

MP News: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक टाइगर ने इंसान का शिकार कर उसके शरीर का आधा हिस्सा खा लिया। घटना सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना के जंगल की है। यहां तवा बांध के बैक वाटर के पास जंगल में दो ग्रामीण बुधवार को महुआ बीनने के लिए गए थे। शाम को जब एक व्यक्ति वापस नहीं लौटा तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। गुरुवार की सुबह बाघ की दहाड़ सुनकर जब परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बाघ शव के पास बैठा हुआ था।

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टाइगर ने किया शिकार

चनागढ़ गांव के रहने वाले 49 वर्षीय सुधराम चौहान अपने साथी गुड्डू के साथ बुधवार सुबह महुआ बीनने के लिए तवा डैम के बैक वाटर को पार कर जंगल में गए थे। दोनों अलग-अलग स्थानों पर जंगल में महुआ बीन रहे थे इसी दौरान सुधराम चौहान पर बाघ ने हमला कर उसका शिकार कर लिया। शाम को घर लौटने का समय हुआ तो गुड्डू तो गांव लौट आया लेकिन सुधराम घर नहीं लौटा। सुधराम के रात तक घर न लौटने पर परिवार चिंतित हो गए और ग्रामीणों के साथ जंगल में सुधराम की तलाश शुरू की लेकिन रात में सुधऱाम का कुछ पता नहीं चला।

शिकार कर खाया शरीर, शव के पास बैठा था बाघ

गुरुवार सुबह एक बार फिर सुधराम के परिजन ग्रामीणों के साथ तलाश में जंगल पहुंचे। इसी बीच जंगल में बाघ की दहाड़ सुन जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो शव के पास बाघ बैठा हुआ था और शव क्षत विक्षत हालत में बिखरा हुआ था। ग्रामीणों ने किसी तरह से टाइगर को भगाकर शव के टुकड़ों को एकत्रित किया। ग्रामीणों ने बताया कि सिर धड़ से अलग हो चुका था और शरीर के आधे हिस्से को बाघ खा चुका है। शरीर के बचे हुए हिस्सों को ग्रामीणों ने कपड़े में इकहट्ठा किया और गांव लेकर पहुंचे और केसला पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसटीआर का अमला भी घटना स्थल पर पहुंचा। गश्ती दल और डॉग स्क्वाड ने जंगल की सर्चिंग की है। एसटीआर ने बताया कि वन्यप्राणी की तलाश की जा रही है। घटना स्थल घने जंगल के अंदर हैं। इसमें टाइगर, तेंदुआ की संख्या अधिक हैं।

खतरा समझ कर हमला करता है टाइगर

एसटीआर के अधिकारियों के मुताबिक जंगल में टाइगर, तेंदुआ के सामने महुआ बीन रहा होगा। वन्यप्राणी को लगा होगा कि वह हमला कर रहा है। इसलिए उसने हमला किया होगा। एसटीआर में कोई टाइगर आदमखोर नहीं है। एसटीआर के अधिकारी ने जंगल में जाने वालों को सतर्क रहने और अंधेरा होने से पहले जंगल से बाहर निकल आने की अपील की है। फील्ड डायरेक्टर एसटीआर नर्मदापुरम राखी नंदा ने बताया कि आदिवासी की मौत मांसाहारी वन्य प्राणी के हमले में हुई है। पुलिस या एसटीआर को टाइगर नहीं मिला है। यहां कोई भी आदमखोर टाइगर नहीं है। सर्चिंग की जा रही है। ग्रामीणों से भी लगातार अपील कर रहे हैं।

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Published on:
09 Apr 2026 08:13 pm
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