
Narmadapuram Ajay Dhakad and two sons death case: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में पटवारी अजय धाकड़ व उनके दोनों बेटों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंका देने वाली बात सामने आई है। इधर दूसरी तरफ सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिसके बाद परिजन शवों को लेकर रायसेन जिले में अलीगंज पहुंचे जहां तीनों का अंतिम संस्कार हुआ। एक चिता पर दोनों बेटों और दूसरी चिता पर पिता अजय धाकड़ का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
पिपरिया सामुदायिक अस्पताल में दोनों बच्चों और अजय धाकड़ का सोमवार को पोस्टमार्टम किया गया। मंगलवारा थाना के उप निरीक्षक मानिकचंद बट्टी के अनुसार, दोनों बच्चों की गर्दन पर वायर से गला दबाने जैसे निशान मिले हैं। पुलिस ने कार से मोबाइल चार्जर का वायर और अन्य सामान जब्त किया है। रायसेन जिले के अलीगंज का रहने वाला अजय धाकड़ रायसेन जिले की उदयपुरा तहसील में पटवारी के पद पर पदस्थ थे। अजय परिवार का इकलौता बेटा था और उसके पिता नारायण सिंह धाकड़ रिटायर्ड टीचर हैं।
पोस्टमार्टम के बाद बच्चों व पिता अजय का शव लेकर परिजन गृहग्राम अलीगंज पहुंचे, यहां सोमवार को ही तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों बच्चों का एक चिता पर और पिता अजय धाकड़ का दूसरी चिता पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से हर कोई हैरान है और घटना अभी भी रहस्य बनी हुई है। पुलिस ने बच्चों की मां मालती से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से अभी कोई बातचीत नहीं की गई है, जिसके कारण आत्महत्या और हत्या का कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
परिजनों के मुताबिक रविवार को अजय धाकड़ अपने दोनों बेटों समर्थ (14) और शिवा (11) को फिल्म दिखाने की बात कहकर घर से निकला था। अजय की पत्नी मालती ने भी बच्चों के साथ चलने की बात कही थी लेकिन अजय ने ये कहकर मना कर दिया था कि वो दोस्तों के साथ जा रहा है। परिजनों ने ये भी बताया है कि अजय धाकड़ की मानसिक स्थिति कुछ दिनों से खराब थी और उसका नागपुर में इलाज चल रहा था। अजय धाकड़ ने पिपरिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी और इसके कुछ देर बाद स्टेशन की पार्किंग में पार्क अजय धाकड़ की कार में दोनों बच्चों के शव मिले थे।