नरसिंहपुर

बच्ची की लाश खोलेगी राज? परिजन ने लगाए गंभीर आरोप, 6 दिन बाद कब्र से निकाला गया मासूम का शव

Narsinghpur News : डेडवारा निवासी नीलेश मिश्रा की 3 साल की मृत बेटी का शव 6 दिन बाद कब्र से निकाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन ने निजी अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

2 min read
6 दिन बाद कब्र से निकाला गया बच्ची का शव (Photo Source- Input)

Narsinghpur News :मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में एक महज 3 साल की मासूम बच्ची का शव दफनाए जाने के 6 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दरअसल, परिजन ने इलाज करने वाले निजी अस्पताल के डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घर वालों का आरोप है कि, गलत इलाज की वजह से मासूम की मौत हुई है। परिजन के इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने दफ्नाए हुए शव कों दोबारा निकालकर मामले की जांच शुरु की है। वहीं, इस घटनाक्रम ने फिर से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिले के डेडवारा में रहने वाले मृत बच्ची के पिता नीलेश मिश्रा ने निजी अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप पटेल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस और प्रशासन से जांच की मांग की है। निलेश का कहना है कि, 'मेरी बच्ची की मौत डॉक्टर संदीप पटेल की लापरवाही के चलते हुई है। ओवर डोज के चलते उसकी जान गई है। मैं चाहता हूं कि, जो मेरी बच्ची के साथ जो हुआ, वो दूसरों के साथ न हो। अगर वो दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।' फिलहाल देखना होगा कि परिजन के आरोप कितने सिद्ध होते हैं ?

ये भी पढ़ें

पुलिस से बचकर भागे 3 तस्करों की कुएं में डूबकर मौत, कार से बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ाया

क्या है मामला?

परिजन के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को बच्ची को हल्का बुखार और सुस्ती की शिकायत थी, जिसके चलते माता-पिता उसे शहर के निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने इसे सामान्य बीमारी बताते हुए इलाज शुरू किया, कुछ जांच कराईं और दवाइयां देकर भर्ती कर लिया। परिजन ने आरोप लगाया कि, इलाज के दौरान बच्ची को कई इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद उसी शाम उन्हें घर रवाना कर दिया। लेकिन, रातभर में बच्ची की हालत और बिगड़ गई, जिसके चलते अगले दिन 6 अप्रैल को परिजन बच्ची को फिर अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन के मुताबिक, बच्ची को अब सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, फिर भी डॉक्टर संदीप ने उसे सामान्य बताकर दोबारा उन्हें घर भेज दिया।

रातभर में अचेत हो गई बच्ची- आरोप

घर लाने के बाद लगातार बच्ची की हालत बिगड़ती गई। रातभर में उसकी तबीयत इस कदर बिगड़ी कि, 7 अप्रैल तक बच्ची अचेत हो गई। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर हालत में उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

आईसीयू में जंग हारी जिंदगी

परिजन जब बच्ची को जबलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे तो वहां उसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर लगाया गया, दो दिन वेंटिलेटर पर रहने और डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद 9 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने झिरना मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

शिकायत के बाद खुली कब्र, हुआ पोस्टमार्टम

मामले में संदेह जताते हुए घर वालों ने सीएमएचओ, कलेक्टर और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसडीएम कोर्ट की अनुमति मिलने पर बुधवार को पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्र से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां शव का पोस्टमार्टम किया गया है।

रिपोर्ट के इंतजार में पुलिस

मामले को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी गौरव चाटे का कहना है कि, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस मामले की जांच की जा रही है।

ये भी पढ़ें

अब एमपी में भाजपा कार्यकर्ताओं का इलाज फ्री, सीएम मोहन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
Updated on:
16 Apr 2026 08:52 am
Published on:
16 Apr 2026 08:22 am
Also Read
View All