नरसिंहपुर

जंगल से आबादी क्षेत्र में आए तेंदुए को रेस्क्यु कर पकड़ा, जबलपुर में होगा इलाज

जिले के करेली वन परिक्षेत्र के दिलहरी बीट में एक भटके हुए तेंदुए का वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई मंगलवार की देर रात करीब 3 बजे बजे पूरी की गई
रेस्क्यु के बाद पिंजरे में कैद तेंदुआ।

rescued a stray leopard नरसिंहपुर. जिले के करेली वन परिक्षेत्र के दिलहरी बीट में एक भटके हुए तेंदुए का वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई मंगलवार की देर रात करीब 3 बजे बजे पूरी की गई। तेंदुआ वन क्षेत्र से निकलकर गांव की ओर पहुंच गया था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था। जिसकी सूचना मिलते ही विभाग ने रेस्क्यु की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। पिंजरे में बंद होने के बाद भी तेंदुआ आक्रोशित दिखा।
वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्पना तिवारी के मार्गदर्शन में तेंदुए को पकडऩे एसडीओ सुनील वर्मा द्वारा विशेष टीम बनाई गई। जिसने मौके पर पहुंचकर सतर्कता और सूझबूझ के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित काबू में लिया और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर देखभाल के लिए उसे जबलपुर भेजा गया। रेस्क्यू में एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों की भूमिका रही। वन विभाग की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से जहां एक ओर तेंदुए की जान बचाई जा सकी, वहीं ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। विभाग की तत्परता और टीमवर्क की सराहना की जा रही है।
बीमार होने से पकडऩे में नहीं हुई ज्यादा दिक्कत
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मादा तेंदुआ स्वस्थ्य नहीं था, उसकी आयु करीब 8 वर्ष आंकी गई है। उसे पकडऩे के लिए विभाग की रेस्क्यु टीम को अधिक मशक्कत नहीं करना पड़ी फिर जोखिम था कि वह किसी को नुकसान न पहुंचा दे। दिलहरी क्षेत्र में सघन वनक्षेत्र है जिससे यहां वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है।

Updated on:
26 Mar 2026 01:31 pm
Published on:
26 Mar 2026 01:31 pm
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