safety line at the district hospital नरसिंहपुर. आकस्मिक दुर्घटनाओं से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी लाइन का कार्य करीब चार साल पहले शुरू किया गया था। जो आज तक पूरा नहीं हो सका है, कई महिनों से बंद पड़े कार्य को शुरू कराने प्रबंधन भी ध्यान […]
safety line at the district hospital नरसिंहपुर. आकस्मिक दुर्घटनाओं से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी लाइन का कार्य करीब चार साल पहले शुरू किया गया था। जो आज तक पूरा नहीं हो सका है, कई महिनों से बंद पड़े कार्य को शुरू कराने प्रबंधन भी ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पताल के दोनों भवनों में जहां-तहां सेफ्टी लाइन के लिए पाइप और अन्य संसाधन तो लगा दिए गए हैं लेकिन कार्य अधूरा होने से अब तक यह अस्पताल प्रबंधन के हैंडओवर नहीं हो सका है।
जिला अस्पताल में हर दिन सैंकड़ों मरीज आते हैं। लेकिन अग्निदुर्घटनाओं से निपटने के लिए सिर्फ फायर बॉक्स ही सहारा हैं। अस्पताल के नए भवन और ट्रामा सेंटर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य तो किया गया है लेकिन यह कार्य पूर्ण स्थिति में नहीं है। वहीं विद्युत व्यवस्था की हालत भी ठीक नहीं हैं। बताया जाता है कि फायर सेफ्टी लाइन डालने का कार्य वर्ष 2023 के अंत में शुरू हुआ था। लेकिन अब तक अधूरा है। दोनों भवन में पाइप लाइन डाल दी गई है। परिसर में दो लाख लीटर पानी की क्षमता वाले टैंक का कार्य भी देर से शुरू हुआ। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दोनों भवनों में आपदा से निपटने पर्याप्त फायर बॉक्स और आपदा से निपटने में स्टाफ के प्रशिक्षित होने का दावा लंबे समय से किया जा रहा है। लेकिन लाइन का कार्य कब पूरा होगा इसे लेकर प्रबंधन कुछ नहीं कह पा रहा है। लाइन के कार्य में स्मोक डिटेक्टर और तापमान सूचक फ्यूज लगना है। प्रबंधन के अनुसार कार्य पूरा होने से यह फायदा होगा कि कहीं कोई शार्ट सर्किट बनेगा या लाइन में फाल्ट होने से धुआं उठेगा तो तत्काल डिटेक्टर संकेत देगा और लाइन के जरिए उस जगह फुहारा चालू हो जाएगा। वहीं तापमान सूचक फ्यूज भी यूनिट-वार्ड के तापमान को बताएगा और तापमान बढ़ते ही वह फ्यूज होगा। आपदा प्रबंधन उपकरण सक्रिय हो जाएंगे।
वर्जन
फायर सेफ्टी लाइन का कार्य भोपाल की टीम कर रही है। कार्य अभी शेष है और इसके अस्पताल के हैंडओवर होने में समय लगेगा। अभी तो सही तरीके से टेस्टिंग भी नहीं हुई है। कार्य को जल्दी कराने प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. राजेंद्र डेहरिया, प्रबंधक जिला अस्पताल नरसिंहपुर