
Narsinghpur Lokayukta Bribe Action: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। सोमवार को नरसिंहपुर में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सहकारिता विभाग के ऑडिट ऑफिसर व प्रभारी प्रबंधक को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील के मेघ गांव के रहने वाले अशोक कुमार पटेल ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि वो बरहेटा में समिति प्रबंधक हैं, सेवा सहकारी समिति बरहटा का वर्ष 2025-26 का ऑडिट होना बाकी है। जब वो इस संबंध में ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने ऑडिट करने व आपत्ति न लगाने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बात में बातचीत करने पर 8 हजार रुपये रिश्वत देना तय हुआ है।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर सोमवार को आवेदक अशोक पटेल को रिश्वत के 8 हजार रुपये देने के लिए आरोपी राजेन्द्र सिंह के पास भेजा। आरोपी राजेंद्र सिंह ने रिश्वत के पैसे देने के लिए अशोक पटेल ने नरसिंहपुर में डीआर कार्यालय में बुलाया। यहां पर जैसे ही राजेन्द्र सिंह ने रिश्वत की रकम ली तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त ने इस मामले में प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव को भी सह आरोपी बनाया है। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशो.) 2018 की धारा-7, 13 (1) B, 13 (2) एवं 61( 2) बीएन एस के अंतर्गत कार्यवाही की जा गई है। ट्रेप दल में टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।