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नर्मदापुरम में होटल के बाहर ‘किसान’ बनकर नास्ता कर रही थी लोकायुक्त, रिश्वत लेने पहुंचा वेयरहाउस प्रबंधक, 90 हजार लेते गिरफ्तार

Lokayukta Bribe Trap Narmadapuram: नर्मदापुरम में लोकायुक्त की टीम ने फिल्मी स्टाइल दो रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया। चार दिन तक होटल के बाहर किसान बनकर घूम रहे थे लोकायुक्त के अधिकारी।
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नर्मदापुरम

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Akash Dewani

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Updated: 16 Sep 2026, 10:21 AM IST

lokayukta bribe trap warehousing corporation manager arrested

Lokayukta Bribe Trap Narmadapuram: एमपी वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक रिश्वत लेते गिरफ्तार (फोटो सोर्स- Patrika)

Lokayukta Bribe Trap: नर्मदापुरम जिले में सहकारी समिति के सेल्समेन से एनओसी के बदले रिश्वत मांगने वाले मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के अधिकारी को पकड़ने के लिए लोकायुक्त टीम 4 दिनों तक डेरा डाले रही। ग्रामीण का भेष में अधिकारी और कर्मचारी कारर्पोरेशन के कार्यालय में घूम कर रैकी करते रहे। मंगलवार को टीम ने यहां के दैनिक वेतन भोगी ऑपरेटर को मीनाक्षी चौराहा के पास एक होटल में पीड़ित से 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी वेयर हाउस के प्रभारी प्रबंधक भरत यादव के कहने पर रिश्वत लेने के लिए पहुंचा था। लोकायुक्त ने कार्यालय से प्रभारी प्रबंधक को भी गिरफ्तार कर लिया।

यह है मामला

लोकायुक्त ने बताया कि जासलपुर सेवा सहकारी समिति के सहायक सेल्समेन संदीप परसाई ने मूंग खरीदी की थी। इसकी दो होल्डिंग चालान पास कर भुगतान करने और उपार्जन की एनओसी जारी करने के बदले में वेयर हाउस के प्रभारी प्रबंधक भारत यादव ने 1 लाख 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। सेल्समेन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित ने 8 सितम्बर को 40 हजार रुपए की रिश्वत दे दी थी। लोकायुक्त को शिकायत मिलने पर निरीक्षक रजनी तिवारी ने सत्यापन कर कार्रवाई शुरू की। मंगलवार को रिश्वत के बाकी 90 हजार रुपए लेने के लिए प्रभारी प्रबंधक भरत यादव ने अपने अधिनस्त कर्मचारी विपिन सिंह को होटल पर भेजा। यहां पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में लोकायुक्त के निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक यशवंत, मुकेश परमार, हेमेन्द्र पाल, चैतन्य प्रताप, मनोज माझी, वाहन चालक हिम्मत सिंह शामिल रहे।

28 करोड़ की मूंग मामले में फरार है जिला प्रबंधक

मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन प्रदेश भर में सुर्खिया में हैं। माखननगर के कनकधारा वेयर हाउस में 28 करोड़ की समर्थन मूल्य पर खरीदी गई अमानक मूंग के मामले में वेयर हाउस के तात्कालीन जिला प्रबंधक वासुदेव दावंडे पर 30 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई है। दावंडे उसके बाद से फरार हो गए हैं। माखननगर पुलिस आरोपी को तलाश करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मामले से जुड़े हर पहलुओं की जांच की जा रही है। इसलिए पुलिस वेयर हाउस के कार्यालय भी आती है। जिले में वेयर हाउस संचालन करने के लिए कारर्पोशन ने कनिष्ठ सहायक भरत यादव को जिला प्रबंधक का प्रभार दिया था। इसके बाद से यादव के हस्ताक्षर और आदेश में मूंग खरीदी के संबंध में पूरी कार्रवाई की गई थी।

फिल्मी अंदाज में हुई होटल में कार्रवाई

आरोपी प्रभारी प्रबंधक यादव ने सेल्समेन को रिश्वत के बाकी देने के लिए होटल में बुलाया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद लोकयुक्त की टीम के सदस्य होटल में अलग-अलग बैच पर बैठक चाय नाश्ता करते रहे। कुछ लोग बाहर खड़े रहे। आरोपी जैसे ही होटल पहुंचा टीम ने घेराबंदी कर ली। रिश्वत लेते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी कर्मचारी को लेकर टीम वेयर हाउसिंग के प्रबंधक कार्यालय पहुंची। यहां कर्मचारी के लौटने का इंतजार कर रहे प्रभारी प्रबंधक को पकड़ा गया। कार्रवाई से हड़कंप मच गया।

ग्रामीण और किसान बनकर रहे अधिकारी

लोकायुक्त के अधिकारी ग्रामीण और किसान बनकर वेयर हाउस मैं 4 दिनों से रोजाना घंटों हम्मालों और अन्य लोगों के पास बैठक आरोपियों की गतिविधियों नजर रखे थे। आरोपी के आने-जाने और मिलने वालों की जानकारी जुटाई जा रही थी।