
Passport: पासपोर्ट (Photo Source - AIGrok)
SPM : जितेंद्र वर्मा, नर्मदापुरम. भारत के पासपोर्ट निर्माण में नर्मदापुरम की सिक्योरिटी पेपर मिल (एसपीएम) ने बड़ी पहल की है। भाई-बहन के स्नेह उत्सव रक्षाबंधन पर मिल ने देश को पासपोर्ट पेपर में आत्मनिर्भर कर दिया। इसके अंतर्गत देश का पासपोर्ट अब पूर्ण स्वदेशी पेपर पर बनाया जाएगा। मिल ने इसके लिए 50 टन पेपर तैयार किया है। इसे सरकार को सौंपने की कार्रवाई शुरू हो गई है। एसपीएम ने जापान, जर्मनी, इंग्लैंड जैसे देशों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।
एसपीएम देश की करेंसी का कागज, ज्युडिशियल स्टांप पेपर का निर्माण करती है। मेक इन इंडिया के तहत एसपीएम ने पूर्व मे पासपोर्ट पेपर का ट्रायल किया था। टेस्टिंग में पासपोर्ट के लिए निर्धारित सरकार के मापदंडों में खरा उतरा। सरकार से हरी झंड़ी मिलते ही एसपीएम ने पासपोर्ट पेपर का निर्माण किया है।
देश में पासपोर्ट बनाने के लिए विशेष कच्चा कागज अभी जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और जापान जैसे देशों से आयात किया जाता है। अब नर्मदापुरम के कारखाना में 50 टन स्वदेशी पासपोर्ट पेपर तैयार कर सरकार को भेजने की तैयारी कर ली गई है।
पेपर में वाटर मार्क, सुरक्षा धागा जैसे कई फीचर
पासपोर्ट पेपर में विशेष प्रकार के वॉटरमार्क है। यह रोशनी में देखने पर ही स्पष्ट दिखाई देता है। पेपर के अंदर छोटे-छोटे दृश्य और अदृश्य फाइबर ए्बेडेड केवल अल्ट्रा- वायलेट प्रकाश में ही चमकते हैं। पासपोर्ट के हर पन्ने पर लेजर तकनीक, विशेष स्याही से यूनिक सीरियल नंबर उकेरा जाता है।
पेपर की नकल करना किसी भी हाल में संभव नहीं
खास बात यह है कि पेपर की नकल करना किसी भी हाल में संभव नहीं है। एसपीएम का यह पेपर फटने, पानी से गलने और आसानी से खराब नहीं होता है। इसमें कोई छेड़छाड़ होने पर उसका पता चल जाता है। पासपोर्ट का मुख्य पहचान विवरण वाला पेज मजबूत पॉलीकार्बोनेट सामग्री से बना होता है। इसमें बायोमेट्रिक माइक्रोचिप और हॉलोग्राम रहते हैं।
डीजीएम एवं पीआरओ संजय भावसार बताते हैं कि पासपोर्ट पेपर का निर्माण कर एसपीएम ने देश को आत्मनिर्भर किया है। कर्मचारियों और प्रबंधन के बेहतर तालमेल के रक्षा बंधन पर्व पर एक उपलब्धि मिल गई है।
Updated on:
27 Aug 2026 07:15 am
Published on:
27 Aug 2026 07:15 am
