
lokayukta action electricity department je ae bribery case, लोकायुक्त ने पकड़ में आरोपी जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर (Source-Patrika)
Bhopal Lokayukta Bribery Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। बिजली विभाग में पदस्थ जूनियर इंजीनियर और एई के द्वारा फरियादी से नया मीटर लगाने और बिजली चोरी के केस में सेटलमेंट कराने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत फरियादी के द्वारा 7 सितंबर को भोपाल लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
भोपाल के छोला इलाके में स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब लोकायुक्त की टीम ने वहां पदस्थ जूनियर इंजीनियर अमित कुमार उपाध्याय और एई राजेन्द्र वरवड़े को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। लोकायुक्त की टीम जब दफ्तर में पहुंची तो जूनियर इंजीनियर ने अफसरी दिखाते हुए सवाल किया आप कौन, अंदर कैसे आए? जिस पर जवाब मिला 'मैं लोकायुक्त डीएसपी और ये मेरी टीम'। ये जवाब सुनते ही दफ्तर में सन्नाटा पसर गया।
भोपाल के शाहजहांनाबादा क्षेत्र के रहने वाले तारिक सिद्दीकी ने 7 सितंबर को भोपाल लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि उसे अपने मकान में एक बिजली का मीटर लगवाना था, जब वो इस संबध में विद्युत कार्यालय छोला, भोपाल में पदस्थ A.E. राजेंद्र वरवड़े और J.E. अमित कुमार उपाध्याय के पास पहुंचा तो बताया गया कि उसके मकान का एक पुराना मामला है, जिसका चालान बनाना पड़ेगा और चालान की कार्यवाही से बचना है तथा मीटर लगवाना है, तो 20,000 रुपये की रिश्वत देनी होगी।
फरियादी तारिक सिद्दीकी की शिकायत की लोकायुक्त की टीम ने जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। प्लानिंग के तहत लोकायुक्त ने फरियादी को रिश्वत के 15 हजार रुपये देने के लिए JE और AE के पास भेजा। छोला स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में जैसे ही जेई अमित कुमार उपाध्याय ने रिश्वत की रकम ली तो वहां मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। मामले में AE राजेन्द्र वरवड़े के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
Updated on:
09 Sept 2026 03:35 pm
Published on:
09 Sept 2026 03:35 pm
