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33 साल के संघर्ष के बाद बड़ी उपलब्धि, जस्टिस अल्पेश कोगजे बनेंगे एमपी के मुख्य न्यायाधीश

Justice Alpesh Kogje : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पिछले 3 महीने से खाली था स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद, गवर्नर मंगुभाई पटेल राजभवन में दिलाएंगे पद एवं गोपनीयता की शपथ
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भोपाल

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deepak deewan

•

Updated: 9 Sep 2026, 12:42 PM IST

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पिछले 3 महीने से खाली था स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद

जस्टिस अल्पेश कोगजे- image credit - patrika

Alpesh Kogje : जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। गवर्नर मंगुभाई पटेल उन्हें गुरुवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित किया जाएगा। उनकी नियुक्ति के साथ ही मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को स्थायी नेतृत्व मिल जाएगा। 2 जून 2026 से अभी तक जस्टिस विवेक रूसिया एक्टिंग चीफ जस्टिस (कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश) के रूप में यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने करीब 33 साल पहले वकालत शुरु की थी। अब एमपी के मुख्य न्यायाधीश के रूप वे बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे।

10 सितंबर को प्रदेश के न्यायिक इतिहास में नया अध्याय जुड़ जाएगा। भोपाल स्थित राजभवन में सादे समारोह में राज्यपाल मंगू भाई पटेल जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरु होगा।

शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस कोगजे सड़क मार्ग से जबलपुर के लिए रवाना होंगे। वे आधिकारिक तौर पर 11 सितंबर को हाईकोर्ट में पदभार ग्रहण करेंगे। इस मौके पर जस्टिस अल्पेश कोगजे का औपचारिक स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा।

मुख्य पीठ जबलपुर में 11 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से कोर्ट रूम नम्बर-1 में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दौरान हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी नए मुख्य न्यायाधीश का अभिनंदन करेंगे। बता दें कि एमपी में 3 माह से स्थायी मुख्य न्यायाधीश नहीं थे।

1993 से शुरू की थी वकालत

जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने करीब 33 साल पहले अपना कानूनी सफर शुरु किया था। वर्ष 1993 में उन्होंने अपनी वकालत की प्रेक्टिस की शुरुआत की थी। जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे खासतौर पर आपराधिक मामलों के बड़े जानकार माने जाते हैं। उन्होंने अनेक पेचीदा मामलों में पैरवी करते हुए अपने कानूनी ज्ञान और तर्कों की दम पर कोर्ट में कामयाबी हासिल की।

गुजरात सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की

वकालत के करियर के दौरान जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने गुजरात सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की थी। उन्होंने 2002 के दंगों से जुड़े कई संवेदनशील केस में गुजरात सरकार का पक्ष रखा था। जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने बाद में गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश की भी जिम्मेदारी संभाली।

महत्वपूर्ण बदलाव

राजभवन में जस्टिस अल्पेश कोगजे की शपथ ग्रहण के साथ ही मप्र हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व में बड़ा बदलाव हो जाएगा। वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 30वें चीफ जस्टिस होंगे। प्रदेश के 29वें चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा गत 1 जून को चले गए थे। उन्हें पदोन्नत कर सुप्रीम कोर्ट भेजा गया। तभी से जस्टिस विवेक रूसिया कार्यवाहक चीफ जस्टिस का दायित्व निभा रहे हैं। जस्टिस अल्पेश कोगजे के कार्यभार संभालने के साथ ही मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश का नेतृत्व मिल जाएगा।