
मंत्रालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक को हिरासत में लेकर जाती पुलिस (फोटो सोर्स: Arub Yadav X)
Bhopal News :मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को राजधानी भोपाल में स्थित मंत्रालय के बाहर से रातीबड़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बता दें कि, विधायक मिश्रा कुछ देर पहले ही मंत्रालय के सामने जाकर धरने पर बैठे थे। बताया जा रहा है कि, मिश्रा मुश्किल से आधे घंटे ही धरने पर बैठ सके होंगे और पुलिस ने आकर उन्हें हिरासत में ले लिया। बता तें कि, विधायक अभय मिश्रा रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग के साथ उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अब इस मामले में और राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
विधायक अभय मिश्रा के धरने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर पूर्व विधायक अरुण यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, 'रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। भाजपा सरकार में न्याय मांगना भी अपराध हो गया है? जनता की आवाज़ दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, सरकार को जवाब देना ही होगा। कल्पना मिश्रा को न्याय और दोषियों पर कार्रवाई होने तक कांग्रेस की आवाज़ बुलंद होती रहेगी।'
आपको बता दें कि, 22 वर्षीय कल्पना मिश्रा की मौत 26 अगस्त की रात रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में उपचार के दौरान हुई थी। उन्हें प्रसव के लिए परिवार द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, उपचार के दौरान उनकी और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजम ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और चिकित्सा लापरवाही की अंतिम जिम्मेदारी जांच से ही तय हो सकेगी।
बता दें कि, इस मामले ने उस वक्त गंभीर रूप लिया, जब कल्पना मिश्रा का मौत से कुछ घंटे पहले का एक वीडियो सामने आया। वायरल हुए वीडियो में वो अस्पताल के लेबर रूम के बाहर रोते हुए मदद मांगती नजर आ रही थी। कल्पना अपने पिता से रोते हुए इलाज पर आशंका जताते हुए मदद करने की गुहार लगा रही थी। वीडियो में बेटी की आशंका और उसके कुछ देर बाद ही हुई उसकी मौत के बाद परिजन ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस मामले में शुरुआती कार्रवाई करते हुए विभाग ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने मामले की जांच के लिए समिति भी गठित कर दी है। इसके अलावा, इसी मामले में संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को भी पद से हटाया गया है। उनपर पीड़ित परिजन से कथित अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप है। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। फिलहाल, राहुल मिश्रा की जगह डॉ. प्रियांक शर्मा को अधीक्षक का प्रभार सौंपा गया है। इसके बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया है। सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह मामले में अब तक अधीक्षक समेत 6 लोगों पर कार्रवाई हुई है।
इधर, कांग्रेस ने भी कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में सरकार को आड़े हाथ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी रीवा में धरने में शामिल होकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही सरकारी अस्पताल की व्यवस्था बदहाल है। यहां तक की जच्चा - बच्चा की मौत के मामले में जवाबदेही तक तय नहीं हो पा रही। इसी कड़ी में आज सेमरिया विधायक अभय मिश्रा भोपाल में मंत्रालय के सामने मौन धरने पर बैठे थे। वो भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग के साथ उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। लेकिन, पुलिस ने उन्हें आधे घंटे भी धरने पर नहीं बैठने दिया।
Updated on:
9 Sep 2026, 3:03 PM IST
Published on:
9 Sep 2026, 2:09 PM IST
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