
जिला अस्पताल पहुंचे बच्चों के परिजन (फोटो सोर्स: Patrika)
Narsinghpur News :मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिला मुख्यालय से लगे ग्राम समनापुर डांगीढाना में मंगलवार को मध्यान्ह भोजन करने के बाद कक्षा छठवीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। एक साथ इतने बच्चों की तबियत बिगड़ने से स्कूल में हड़कंप मच गया। शिक्षकों की मदद से बीमार बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रजनी सिंह जिला अस्पताल पहुंचीं और अपनी मौजूदगी में बच्चों के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर शिक्षा विभाग के अधिकारी समेत प्रशासनिक अमला भी पहुंच गया है। भोजन में गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या है, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
कक्षा 8वीं से लेकर 10वीं तक के छात्रों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत सामने आने के बाद शिक्षकों द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर के अनुसार, सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है।
कलेक्टर रजनी सिंह ने बताया कि स्कूल में करीब 38 बच्चों ने मध्यान्ह भोजन किया था। इनमें से 10 से 12 बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात में गूंथे गए आटे का उपयोग सुबह मध्यान्ह भोजन तैयार करने में किया गया था। इसी आटे से बनाई गई पूरियों में खटास आ रही थी। बच्चों ने ये पूरियां खाईं, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आई है। मामले में कलेक्टर द्वारा एकता स्व-सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हटा दिया है।
बच्चों को भोजन परोसने से पहले शिक्षकों द्वारा उसकी गुणवत्ता की जांच किए जाने के सवाल पर कलेक्टर ने बताया कि पुराने आटे के साथ नए आटे का भी उपयोग किया गया था। ऐसे में संभव है कि भोजन का स्वाद असामान्य होने की बात शिक्षकों के ध्यान में नहीं आई हो। घटना ने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और बच्चों को भोजन परोसने से पहले उसकी जांच की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
3 Nov 2026, 4:20 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 4:12 PM IST
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