
Municipality Boundary Expansion: मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्र नरसिंहपुर की सीमाओं का विस्तार करने के साथ ही स्वरूप बदलने की तैयारियां तेज हो गई हैं, सब कुछ ठीक रहा तो नगरपालिका की प्रस्तावित सीमा वृद्धि के बाद शहर का क्षेत्रफल करीब पांच गुना बढ़ जाएगा। वर्तमान में 14.71 वर्ग किलोमीटर में फैली नरसिंहपुर नगरपालिका का दायरा बढ़कर 74.10 वर्ग किलोमीटर होने का प्रस्ताव है। यानी शहर के साथ करीब 59.39 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र जुड़ जाएगा। इस विस्तार के साथ जहां शहर के विकास के लिए जमीन और संभावनाएं बढ़ेंगी, वहीं पुराने शहरी क्षेत्र के साथ नए शामिल होने वाले गांवों को एक समान बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती भी होगी।
नगरीय सीमा बढ़ने के बाद नगर का प्रशासनिक दायरा तो बढ़ेगा ही साथ ही सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और अन्य शहरी सुविधाओं का विस्तार भी करना होगा। अभी जिन गांवों की अपनी ग्रामीण व्यवस्थाएं हैं, उन्हें नगर निकाय की व्यवस्था में शामिल करने के बाद सेवा वितरण का पूरा ढांचा बदल जाएगा। ऐसे में शहर के पुराने हिस्से में पहले से मौजूद अधोसंरचना और नए क्षेत्रों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना नगरपालिका के सामने अहम चुनौती होगी।
हालांकि प्रस्तावित विस्तार नरसिंहपुर को भविष्य के बड़े शहर के रूप में विकसित करने की संभावनाएं खोलता है, लेकिन चुनौती यह भी है कि बढ़ी हुई सीमा केवल प्रशासनिक नक्शे में न रह जाए। नए जुड़े क्षेत्रों तक शहरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए दीर्घकालीन योजनाए पर्याप्त संसाधन और चरणबद्ध विकास जरूरी होगा। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस संबंध में सुझाव भी लिए गए।
बुधवार को नगरपालिका सीमा विस्तार को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें प्रस्तावित नगरीय सीमा, शामिल किए जाने वाले गांवों और सीमा विस्तार के बाद बनने वाली विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
प्रस्ताव के अनुसार नरसिंहपुर तहसील के जरजोला, नंदवारा, सिमरिया, खमरिया, करहैयाखेड़ा, सूरजगांव, रॉसरा, खमतरा, मगरधा, नकटुआ, देवरीकलां, कुकवारा, बॉसकुंवारी, डेडवारा, झगरहाई, डोकरघाट और डोंगरगांव तथा करेली तहसील के खैरीनाका, मैनावारी और तिघरा को नगरपालिका सीमा में शामिल किया जाना है। मंत्री पटेल ने बैठक में सीमा विस्तार को सुनियोजित शहरी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार विस्तार के बाद सड़क और अन्य बुनियादी अधोसंरचना के विकास के साथ संपत्ति प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के अवसर बढ़ेंगे। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विकास कार्यों के लिए भी व्यापक क्षेत्र उपलब्ध होगा।
वर्तमान नगरपालिका क्षेत्रफल- 14.71 वर्ग किमी
प्रस्तावित क्षेत्रफल- 74.10 वर्ग किमी
नया जुड़ने वाला क्षेत्र- करीब 59.39 वर्ग किमी
कुल प्रस्तावित विस्तार- वर्तमान क्षेत्रफल का करीब 5 गुना
शामिल किए जाने वाले क्षेत्र- 20 गांव
मुख्य संभावना- सुनियोजित शहरी विस्तार और नई अधोसंरचना
बड़ी चुनौती- पुराने शहर और नए शामिल होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में संतुलन
शहर की सीमा विस्तार को लेकर बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए हैं। शहर की सीमा से जुड़ने के बाद इन गांवों में विकास को गति मिलेगी। शामिल होने वाली पंचायतों से एनओसी भी ली जा रही है कुछ पंचायतों की एनओसी मिल भी गई है। सभी प्रस्तावों को आगे की प्रक्रिया के लिए शासन को भेजा जाएगा।- गजेंद्र सिंह लोधी, सीएमओ,नगरपालिका नरसिंहपुर