नरसिंहपुर

म्यूल अकाउंट गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, 180 खाते चिन्हित, करीब 15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा

gang involved in fraud using “mule accounts नरसिंहपुर. जिले में म्यूल अकाउंड के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए करीब 180 खाते चिन्हित किए हैं। वहीं 35 म्यूल अकाउंट का बंद कराया है। पुलिस का दावा है कि अब तक म्यूल अकांउट के जरिए करीब 15 करोड़ रुपए का […]

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कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते एसपी, एएसपी।

gang involved in fraud using "mule accounts नरसिंहपुर. जिले में म्यूल अकाउंड के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए करीब 180 खाते चिन्हित किए हैं। वहीं 35 म्यूल अकाउंट का बंद कराया है। पुलिस का दावा है कि अब तक म्यूल अकांउट के जरिए करीब 15 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। मामले में अब तक पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिसमें 10 को जेल भेजने एवं अन्य के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
नरसिंहपुर एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने एएसपी संदीप भूरिया व टीम की मौजूदगी में शुक्रवार को गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई को बताया। एसपी ने बताया कि अब तक हुई कार्रवाई में 9 पासबुक, 4 एटीएम एवं 9 मोबाइल जप्त किए गए है। एक वर्ष में साइबर फ्राड के प्रकरणों में 45 लाख रूपए पर होल्ड लगवाया गया एवं 53 लाख रुपए खाता धारकों को लौटाए गए हैं।

आरोपियों से बरामद पासबुक व अन्य सामग्री।


लगातार मिल रही थीं शिकायतें
एसपी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रहीं थी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर एवं बहला-फुसलाकर उनके बैंक खातों, पासबुक एवं एटीएम कार्ड की जानकारी प्राप्त की जा रही है। लोगों को आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके खातों के माध्यम से प्रदेश के बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साइबर फ्राड, सेक्सटॉर्शन के लिए बड़ी मात्रा में पैसों का अवैध लेन-देन किया जा रहा है। साथ ही उनके बैंक खातों का उपयोग अपने अवैध कार्यों के लिए किया जा रहा है। मामले में जांच करने विशेष टीम बनाई गई। अभी तक विवेचना के दौरान जिला अंतर्गत 180 खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया। टीम द्वारा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी एकत्रित की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि कई व्यक्तियों के लगभग 180 बैंक खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। उक्त सभी खातों में लेनदेन की कार्यवाही रोके जाने हेतु संबंधित बैंकों को पत्राचार किया गया है।
प्रदेश व प्रदेश के बाहर तक नेटवर्क
एसपी डॉ. मीना ने बताया है कि जांच के दौरान अभी तक यह भी सामने आया कि इन खातों के माध्यम से जिला, प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साइबर फ्राड, सेक्सटॉर्शन के जरिए लगभग 15 करोड़ रुपए का अवैध लेन-देन किया गया है। साइबर ठगी से प्राप्त राशि को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर छिपाने का प्रयास किया जाता था। प्रकरणों में अभी विवेचना जारी है। अभी तक 17 व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की।
यह आरोपी पकड़ाए
मामले में पुलिस ने प्रिंस जैन निवासी राधा वल्लभ वार्ड थाना करेली, राजेन्द्र यादव राजा पटेल, शिवम पटेल निवासी मुराछ थाना ठेमी, सूरज लोधी निवासी सागौनी कला, थाना कोतवाली, अजय ओझा, आनंद कहार निवासी निवासी चीचली, वैभव कौरव निवासी एमपीईबी कॉलोनी गाडरवारा, दशरथ उर्फ दस्सु लोधी निवासी रातीकरार, थाना करेली, राघवेन्द्र लोधी निवासी बाबली थाना ठेमी जिला नरसिंहपुर को पकड़ा है। वहीं रंजीत मेहरा निवासी बम्होरी, थाना सांईखेड़ा, धनश्याम साहू निवासी चारगांव खुर्द, थाना चीचली, गोविन्द ओझा निवासी लिंगा जैतपुर, थाना स्टेशनगंज, आकाश बैरागी निवासी लोकीपार, थाना स्टेशनगंज, याशवंत प्रजापति, निवासी पलोहा, सूरज वर्मा निवासी सालीचौका एवं सतीश जाटव निवासी सीहोरा का नाम शामिल है।
इस टीम की रही कार्रवाई में भूमिका

तीनों प्रकरणों में धोखाधड़ी का खुलाशा करने में थाना करेली से निरीक्षक रत्नाकर हिग्वें, थाना स्टेशनगंज से निरीक्षक सौरभ पटेल, थाना गाडरवारा से निरीक्षक अशोक चौहान, रक्षित केन्द्र से निरीक्षक किशोर वामनकर, एसआइ अनिल अजमेरिया, राहुल सोनकर, विजय धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही है।

Published on:
14 Mar 2026 05:17 pm
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