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सिलेंडर बुक करने नहीं लग रहे फोन, मांग बढ़ते ही आपूर्ति में मुश्किल,शहरी क्षेत्रों में मांग ज्यादा

problems of gas agencies नरसिंहपुर. जिले में घरेलू एवं व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की अचानक से मांग बढऩे से गैस एजेंसियों की मुश्किलें बढऩे लगी हैं। ग्रामीण के मुकाबले शहरी क्षेत्रो में दोनों प्रकार के सिलेंडरों की बुकिंग अधिक हो रही है। उपभोक्ता इसलिए भी परेशान हैं कि उन्हें सिलेंडर बुक कराने में ही पसीना छूट […]

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जिले में घरेलू एवं व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की अचानक से मांग बढऩे से गैस एजेंसियों की मुश्किलें बढऩे लगी हैं। ग्रामीण के मुकाबले शहरी क्षेत्रो में दोनों प्रकार के सिलेंडरों की बुकिंग अधिक हो रही है। उपभोक्ता इसलिए भी परेशान हैं कि उन्हें सिलेंडर बुक कराने में ही पसीना छूट रहा है,

गैस की बुकिंग न होने से परेशान उपभोक्ता एंजेसी में।

problems of gas agencies नरसिंहपुर. जिले में घरेलू एवं व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की अचानक से मांग बढऩे से गैस एजेंसियों की मुश्किलें बढऩे लगी हैं। ग्रामीण के मुकाबले शहरी क्षेत्रो में दोनों प्रकार के सिलेंडरों की बुकिंग अधिक हो रही है। उपभोक्ता इसलिए भी परेशान हैं कि उन्हें सिलेंडर बुक कराने में ही पसीना छूट रहा है, कोई दो दिन तो कोई तीन और चार दिन लगाकर प्रयास करने के बाद भी सिलेंडर बुक नहीं करा पा रहा है क्योंकि बुकिंग के लिए जो नंबर दिया गया है उस पर संपर्क मुश्किल हो रहा है। जिससे परेशान उपभोक्ताओं को संबंधित एंजेसियों में जाने की मजबूरी बन गई है। कई उपभोक्ता ऐसे भी परेशान हैं जिनकी ईकेवायसी नहीं हुई है जिससे उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।
जिले में कुछ दिनों पूर्व पेट्रोल-डीजल लेने पंपों पर भीड़ बढ़ी थी, अब गैस एंजेसियों में भीड़ देखी जा रही है। उपभोक्ताओं में संशय है कि कहीं महायुद्ध के कारण गैस सिलेंडरों के दामों में और इजाफा होने के साथ ही आपूर्ति में मुश्किल न हो जाए। अपनी समस्या और आशंकाए लेकर एंजेसियों में पहुंच रहे उपभोक्ताओं को यह समझाना एंजेसी कर्मचारियों को मुश्किल हो रहा है कि एलपीजी को लेकर जिले में किसी तरह का कोई संकट नहीं है।
जिले में घरेलू व उज्जवला के कनेक्शन 2 लाख 80 हजार
जिले में घरेलू एवं उज्जवला योजना के तहत करीब 2 लाख 80 हजार कनेक्शन है।
वहीं नरसिंहपुर मुख्यालय में तीन एंजेसियों से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के करीब 90 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। नरसिंहपुर से ही करेली शहर व आसपास एलपीजी की आपूर्ति होती है। इसी तरह गोटेगांव तहसील के शहरी व ग्रामीण इलाकों में तीन एजेंसियां हैं। जिनसे करीब 40 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। जबकि तेंदूखेड़ा, बरमान, गाडरवारा, साईखेड़ा, सालीचौका, चीचली क्षेत्र की एंजेसियों में भी कनेक्शनों की संख्या काफी है।
दलाली पर लगा अंकुश लेकिन वितरण पर असर
एक एजेंसी कर्मचारी ने बताया कि बुकिंग में लगातार इजाफा होने से वितरण पर असर है। लेकिन सिलेंडरों की जो लोग दलाली कर लेते थे उन पर अंकुश लग गया है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में यह देखा जाता है कि कुछ लोग अपने परिचितों के कार्ड ले लेते थे और उनसे बुकिंग कराकर सिलेंडर प्राप्त कर मुनाफा कमा लेते थे लेकिन अब जिस व्यक्ति का कनेक्शन है वह खुद की बुकिंग करा रहा है और ओटीपी उसके ही नंबर पर आती है, इसलिए सिलेंडरों का दुरूपयोग रूका है। एक वितरक मुकेश नेमा, अभिषेक नेमा ने बताया कि त्योहार तक तक एजेंसी में बुकिंग कम थी। जिससे तत्काल या दूसरे दिरन आपूर्ति बिना किसी परेशानी के हो रही थी लेकिन अब बुकिंग बढऩे से संतुलन बिगड़ रहा है। अधिकांश लोग बुकिंग न होने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। प्लांट से सिलिंडर से आपूर्ति सामान्य है। लोग घबराहट के कारण अधिक बुकिेंग करा रहे हैं। वितरकों के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय की 25 दिन में बुकिंग संबंधी नई गाइडलाइन आने के बाद एक सिलिंडर प्राप्त करने के बाद तय अवधि के पहले पोर्टल, हेल्पलाइन पर बुकिंग होगी ही नहीं।
व्यावसायिक सिलेंडर मिलना हो रहा मुश्किल
बताया जाता है कि जिले में कारोबारियों को व्यवसायिक सिलेंडर प्राप्त करना कठिन हो रहा है। नए नियमों के तहत ही अब आपूर्ति सुनिश्वित की जा रही है। इसका असर जिले में फिलहाल तो नजर नहीं आ रहा है लेकिन आने वाले कुछ दिनों में संबंधितों की परेशानियों में इजाफा होने की आशंका रहेगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग मौन
जिले में गैस सिलेंडरों की बढ़ती बुकिंग और लोगों के मन में बनी आशंका को दूर करने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की जा रही है। जिससे कुछ एजेंसी संचालक भी कहने लगे हैं कि प्रशासन को चाहिए कि वह लोगों के बीच सही जानकारी देकर उनकी आशंकाओं को दूर करे। जिससे लोग अनावश्यक बुकिंग न कराएं और आपूर्ति पहले ही तरह सुनिश्चित हो सके।