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किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद मिल में किया धरना, किसानों को खून के आंसू रूला रही मिल की मनमानी

protest against this payment नरसिंहपुर. प्रशासन की नरमी और महाकौशल शुगर मिल बचई की असंवेदनशीलता-मनमानी गन्ना किसानों को खून के आंसू रूला रही है। कोई किसान यह कहते हुए प्रशासन से भुगतान दिलाने कह रहा है कि पैसा नहीं मिला तो बेटियों की पढ़ाई छूट जाएगी, भविष्य बिगड़ जाएगा तो कोई बीमार बेटी का इलाज […]

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शुगर मिल बचई की असंवेदनशीलता-मनमानी गन्ना किसानों को खून के आंसू रूला रही है। कोई किसान यह कहते हुए प्रशासन से भुगतान दिलाने कह रहा है कि पैसा नहीं मिला तो बेटियों की पढ़ाई छूट जाएगी, भविष्य बिगड़ जाएगा

कलेक्ट्रेट पार्क में किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन।

protest against this payment नरसिंहपुर. प्रशासन की नरमी और महाकौशल शुगर मिल बचई की असंवेदनशीलता-मनमानी गन्ना किसानों को खून के आंसू रूला रही है। कोई किसान यह कहते हुए प्रशासन से भुगतान दिलाने कह रहा है कि पैसा नहीं मिला तो बेटियों की पढ़ाई छूट जाएगी, भविष्य बिगड़ जाएगा तो कोई बीमार बेटी का इलाज कराने मिल से पैसा दिलाने की गुहार लगा रहा है लेकिन न तो प्रशासन सुन रहा है और न ही मिल प्रबंधन। भुगतान पर बने संकट को लेकर किसानों को शुक्रवार को पहले कलेक्ट्रेट पार्क में विरोध प्रदर्शन किया। उसके बाद शाम को मिल में प्रदर्शन शुरू कर दिया ।
जिले में शासन-प्रशासन ने भले ही गन्ना उत्पादक किसानों को समय पर भुगतान करने शुगर मिलों को निर्देश दिए हों लेकिन इन निर्देशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है और प्रशासन लाचार बना है। महाकौशल शुगर मिल बचई में गन्ना बेचने वाले किसान अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर कई बार ज्ञापन, आवेदन, धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें भुगतान नहीं दिला पा रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में परेशान किसानों ने कलेक्ट्रेट पार्क में एकत्रित होकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया, नारेबाजी कर गुस्सा जताया, इसके बाद बचई स्थित मिल परिसर में धरना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि मिल से करीब एक हजार किसानों को 137 करोड़ रुपए का भुगतान लेना है लेकिन मिल प्रबंधन किसानों को भुगतान नहीं कर रहा है।
जिले में यह पहला मौका नहीं है जब गन्ना किसानों को अपना भुगतान प्राप्त करने ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन करने की नौबत बनी है। हर साल जिले में किसानों को इसी तरह भुगतान का संकट झेलना पड़ता है। जिला प्रशासन ने गन्ना सीजन के शुरूआती दौर और उसके बाद कई बार यह निर्देश तो दिए कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान कराया जाए, लेकिन न तो आला अधिकारियों के निर्देशों का अमला पालन कर सका और न ही भुगतान लंबित रखने वाली मिल पर इसका कोई असर हुआ।


किसानों की समस्याएं हल कराने में प्रशासन बेबस
भुगतान न मिलने से परेशान किसानों की समस्याओं और प्रशासन की स्थिति पर किसान नेता देवेंद्र पाठक का कहना है कि प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। किसान अपने ही पैसे को बार-बार मांगने लाचार हैं, इससे दुखद स्थिति क्या हो सकती है कि किसान की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है, उसे खुद अपनी लड़ाई लडऩा पड़ रही है। जब प्रशासन ने निर्देश दिए थे कि समय पर भुगतान कराया जाए तो क्यों नियम का पालन नहीं हो रहा है और इसके लिए जो जिम्मेदार हैं उन पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है।
किसानों को समझाने पहुंचे अधिकारी, पुलिस बल तैनात
पहले कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शनकारी किसानों को समझाने में अधिकारी लगे रहे, लेकिन जब बात नहीं बनी और किसान मिल परिसर पहुंच गए तो यहां भी अधिकारियों ने उन्हें मनाना, समझाना जारी रखा। बड़ी संख्या में पुलिस बल समेत गोटेगांव एसडीओपी मनीष त्रिपाठी समेत गन्ना विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। देर रात तक किसान इस बात पर अड़े रहे कि जब तक उनको भुगतान नहीं कराया जाएगा वह मिल नहीं चलने देंगे और धरना करते रहेंगे।
वर्जन
दो बेटियां दिल्ली में पढ़ती हैं, उन्हें पैसा भेजना है लेकिन गन्ने का पैसा नहीं मिला है तो भेज नहीं पा रहे हैं, उनकी पढ़ाई छूट सकती है। उनके भविष्य पर संकट है। मुझे 8 लाख 15 हजार रुपए में आधा पैसा ही मिला है, जो लागत में खर्च हो गया।
जगदीश सिंह पटेल, वेदू
मेरी भांजी की लग्न 15 मार्च को है, बिल्कुल पैसा नहीं है, खरीदी करना है लेकिन कहां से करें, मुझे मिल से करीब 8 लाख रुपए का भुगतान लेना है। पैसा नहीं होने से खाद भी नहीं ले पा रहे हैं, पूरा परिवार परेशान है।
शोभाराम पटेल, कल्याणपुर
मेरी बेटी बीमार है, सांस लेने में दिक्कत है, बेटी का 15 दिन जबलपुर में इलाज कराने 2 लाख 70 हजार रुपए कर्ज लिया, पैसा नहीं था तो छुट़्टी कराना पड़ी। उसका इलाज अभी और कराना है, करीब साढ़े 8 लाख रुपए मिल से लेना हैं।
सौरभ पटेल, झारखुरपा
किसानों और मिल प्रबंधन से बातचीत चल रही है। अभी तक मिल ने लगभग 140 करोड़ का गन्ना खरीदा है जिसमें 72 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान किए जाने की बात बताई गई है, मिल प्रबंधन को जल्दी भुगतान कराने कहा जा रहा है।
डॉ. अभिषेक दुबे, सहायक संचालक गन्ना