Teacher Eligibility Test नरसिंहपुर. शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी आदेश को लेकर जिले के शिक्षकों में असंतोष बढऩे लगा है। जिले में तीन हजार से अधिक शिक्षक इस परीक्षा के लिए पात्रता की श्रेणी में माने जा रहे हैं। रविवार को सुबह जहां राज्य अध्यापक संघ के बैनर तले जिले भर से ग्राम लोलरी पहुंचे शिक्षकों […]
Teacher Eligibility Test नरसिंहपुर. शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी आदेश को लेकर जिले के शिक्षकों में असंतोष बढऩे लगा है। जिले में तीन हजार से अधिक शिक्षक इस परीक्षा के लिए पात्रता की श्रेणी में माने जा रहे हैं। रविवार को सुबह जहां राज्य अध्यापक संघ के बैनर तले जिले भर से ग्राम लोलरी पहुंचे शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। मांग रखी कि सुप्रीम कोर्ट में मध्यप्रदेश शासन की ओर शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध रिव्यु पिटीशन दायर की जाए। शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में आश्वस्त किया, साथ ही कहा कि शिक्षक संगठन भी अपनी ओर से सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर अपना पक्ष रखें। इसके बाद शाम को नरसिंहपुर में शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले लामबंद शिक्षकों ने रैली निकाली। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया।
जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में जिला मुख्यालय पर भी शिक्षक-कर्मचारी संगठन ज्ञापन के जरिए विरोध जता चुके हैं। जैसे-जैसे परीक्षा की तिथि नजदीक आ रही है उन शिक्षकों की चिंता बढ़ रही है जिनके लिए परीक्षा देना अनिवार्य होगा। एक तरफ शिक्षक नए सत्र की तैयारियों को लेकर व्यस्त हैं वहीं परीक्षा के लिए परेशान हैं। रविवार को राज्य अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष अजीत जाट, प्रांतीय कोषाध्यक्ष नगेंद्र त्रिपाठी, प्रदेश मीडिया प्रभारी सियाराम पटेल, राकेश दुबे एवं अन्य शिक्षकों ने उक्त परीक्षा को लेकर शिक्षकों को होने वाली परेशानियों से अवगत कराया है।
वरिष्ठता का मिले लाभ, अस्थाई कर्मी हो नियमित
शिक्षक संयुक्त मोर्चा की रैली नरसिंहपुर में असंबेली हाल के सामने से शुरू हुई। जो सुभाष पार्क से बाहरी रोड होते हुए मुशरान पार्क से मुख्य रोड होते हुए वापिस सुभाष पार्क-टाकीज रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौजूदगी रही और सभी ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। मोर्चा ने सरकार से शिक्षकों के पक्ष में रिव्यू पिटीशन दायर करने की मांग उठाने के साथ ही कहा कि राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग के लोकसेवकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान की जाए। स्कूलों में अहम भूमिका निभाने वाले अतिथि शिक्षकों, वोकेशनल शिक्षकों, काउंसलरों, आउटसोर्स ऑपरेटरों का नियमितीकरण किया जाए।