गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अलग-अलग उपाय कर रहे हैं,
The impact of the scorching heat नरसिंहपुर. जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह 10 से 11 बजे के बाद ही सडक़ों पर आवाजाही कम होने लगी। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा नजर आया। गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अलग-अलग उपाय कर रहे हैं, लेकिन दिन की तपिश के साथ रात में भी उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। घरों में कूलर और पंखे लगातार चल रहे हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग पेड़ों की छांव और पानी वाले स्थानों के आसपास समय बिताने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच पशुओं की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। गुरुवार को नरसिंहपुर-जरजोला रोड स्थित शेढ़ नदी में धार टूटने से बने कुंडो में जमा पानी में दर्जनों मवेशी गर्मी से राहत लेते नजर आए। नदी की टूटी धार से बने गहरे हिस्सों में भरे पानी के भीतर पशु लंबे समय तक बैठे रहे। ग्रामीणों ने बताया कि तापमान बढऩे के कारण मवेशी अब दिन का अधिकांश समय नदी, नालों और जलस्रोतों के आसपास ही बिता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होती है तो पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। दोपहर के समय लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम के जानकारों के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के संकेत कम हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।