नरसिंहपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर चल रहे व्हीकल अंडरपास और ब्रिज निर्माण कार्य वाहन चालकों के लिए रोजाना जोखिम
bridges on the Narsinghpu नरसिंहपुर. जिले में नरसिंहपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर चल रहे व्हीकल अंडरपास और ब्रिज निर्माण कार्य वाहन चालकों के लिए रोजाना जोखिम का कारण बनते जा रहे हैं। जिन ब्रिजों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां भी सर्विस रोड की हालत खराब है। कहीं डामरीकरण के बाद गिट्टी उखड़ रही है तो कहीं ब्रिज के आसपास संकेत बोर्ड नहीं होने से आवागमन में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। मंगलवार को खेदा पुल के पर ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही के लिए सर्विस रोड में बदलाव कर दिया गया। जिससे करेली तरफ से आने वाले बड़े वाहनों की आवाजाही ब्रिज के नीचे से हुई, वहीं कई वाहन सीधे निकले, जिससे आवागमन के दौरान जोखिम की स्थिति रही।
नरसिंहपुर बायपास के पास ब्रिज का कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। वहीं खेदा पुल के पास भी यही स्थिति बनी हुई है। यहां सर्विस रोड तो तैयार कर दी गई है, लेकिन फिलहाल हाइवे पर एक ही तरफ से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है।
करेली बायपास पर सर्विस रोड की गिट्टी सडक़ पर फैल रही है और जगह-जगह गड्ढे बन रहे हैं। ब्रिज के आसपास संकेत बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। गोंगावरी के पास बने ब्रिज की सर्विस रोड की हालत भी खराब बताई जा रही है। यहां लगातार धूल उड़ती रहती है और ब्रिज से आगे स्कूल के पास तक धूल का गुबार बना रहता है।
बरमान क्षेत्र में बने ब्रिज के दोनों ओर संकेत बोर्ड नहीं लगे हैं। ब्रिज के ऊपर लगी लाइटें भी बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन
आवागमन में रोज जोखिम रहता है। कम से कम ब्रिज के आसपास संकेत बोर्ड पहले लगना था।
लेखराम नौरिया, बीतली
नरसिंहपुर से डोकरघाट तक जाने में ही काफी समय लगता है। हाइवे पर सुरक्षा प्रबंध नहीं है और कार्य चल रहा है।
सोनू सरावगी, नरसिंहपुर
करेली बायपास पर ब्रिज की सर्विस रोड बहुत खराब हो गई है। गिट्टी उखड़ रही है, डर रहता है कि दुर्घटना न हो जाए।
आकाश कुमार, करेली
ब्रिज के नीचे से वाहन निकलने के दौरान पता नहीं चलता कि सामने से कौन वाहन आ रहा है। रात को अंधेरा रहने से जोखिम अधिक रहता है।
अंकित कुमार, नरसिंहपुर