नरसिंहपुर

दो माह बाद मिले प्रभु से नैन तो भर आईं अंखियां, प्रार्थना की फिर न आए ऐसा बुरा वक्त

सोमवार को जब देेवालय खुले तो श्रद्धालु अपने भगवान को अपलक निहारते रहे, कई दिनों बाद अपने प्रभु से मिलने पर आंखें छलक आईं और प्रार्थना की अब इस संसार को ऐसा बुरा वक्त फिर न देखना पड़े।

2 min read
lord shiva

नरसिंहपुर. जिनके दर्शन के बिना दिन की शुरुआत नहीं होती थी, लॉक डाउन के कारण दो माह तक उनके दरश परश नहीं हो सके। सोमवार को जब देेवालय खुले तो श्रद्धालु अपने भगवान को अपलक निहारते रहे, कई दिनों बाद अपने प्रभु से मिलने पर आंखें छलक आईं और प्रार्थना की अब इस संसार को ऐसा बुरा वक्त फिर न देखना पड़े। सोमवार को मंदिर खुलने पर सीमित संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे लेकिन हर जगह कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन किया। साबुन या सेनेटाइजर से हाथ धोकर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में प्रवेश किया। न तो कहीं प्रसाद वितरण किया गया और न ही घंटे बजाए गए। सोशल डिस्टेंस के लिए बनाए गए गोलों में खड़े होकर लोगों ने दर्शन किए। मंदिरों के बाहर संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी उपायों पर अमल करने की अपील की गई थी।

करेली में। करेली के प्रसिद्ध सांई मंदिर में सांई भक्तों ने पहुंचकर सांईबाबा की आरती कर प्रसाद अर्पित किया। इस मौके पर मंदिर प्रबंधन द्वारा देवदर्शनों और प्रसाद अर्पण के दौरान बाकायदा सोशल डिस्टेंस का पालन करने के लिए लोगों को समझाइस दी गई।

गोटेगांव में सभी मंदिर मस्जिद पूरी तरह से खुल गए । मंदिरों में देवी देवाताओं का पूजन अर्चन किया गया।
गुरु गोविंदनाथ वन आश्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने मां राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का का पूजन अर्चन किया। झोंतेश्वर स्थित राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में विधिवत आरती व पूजन अर्चन किया।
गाडरवारा में सुप्रसिद्ध शिव धाम डमरू घाटी मंदिर में सोमवार के बावजूद सीमित संख्या में लोग पहुंचे एवं नियमों का पालन कर भोलेनाथ के दर्शन कर पूजन अर्चन किया यहां सोशल डिस्टेंस एवं समस्त प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं इसी प्रकार प्राचीन खेड़ापति मंदिर मैं भी मंदिर के कपाट खोले गए यहां भी सीमित संख्या में श्रद्धालु पहुंचे लॉक डाउन के चलते सभी प्रकार के आवश्यक दिशा निर्देश के बैनर फ्लेक्स लगाए गए हैं

Published on:
08 Jun 2020 09:04 pm
Also Read
View All