
Assam Flood News : गुवाहाटी। उम्र का शतक पार कर चुकीं 103 वर्षीय कनकलता दास ने मानवता और सेवा की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया है। असम के शोणितपुर जिले के माजरोईमारी गांव की रहने वाली बुजुर्ग कनकलता दास ने अपनी सालों की जमापूंजी से बाढ़ पीड़ितों की मदद कर एक अनूठी नजीर पेश की है।
हाल ही में शिवसागर जिले के आमगुड़ी गार्डन क्षेत्र में आई बाढ़ से बेघर और प्रभावित हुए परिवारों की बदहाली के बारे में जब कनकलता दास को पता चला, तो वे चुप नहीं रह सकीं। इस उम्र में भी वे खुद सफर तय कर शिवसागर के जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने बाढ़ से प्रभावित 77 परिवारों में से प्रत्येक को अपनी बचत में से 2-2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता सौंपी।
कनकलता दास के इस निस्वार्थ और करुणामय कदम ने डीसी कार्यालय में मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। जिले के उपायुक्त मृदुल यादव ने बुजुर्ग कनकलता दास से यह सहयोग राशि स्वीकार की और उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। इस दौरान एक बेहद भावुक क्षण में उपायुक्त ने 103 वर्षीय बुजुर्ग के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिस पर कनकलता जी ने भी उन्हें सहर्ष स्नेहपूर्ण आशीर्वाद दिया।
जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी समाज सेवा का संदेश देने वाली कनकलता दास का यह कदम पूरे राज्य में प्रेरणा का स्रोत बन गया है। सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनके इस जज्बे और सामाजिक जिम्मेदारी की जमकर सराहना हो रही है। कनकलता दास ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सेवा और इंसानियत ही सच्चा धर्म है, और देने का जज्बा उम्र की बंदिशों से परे होता है।