
Illegal Bangladeshis Arrested: अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ गुजरात पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा अंडरकवर ऑपरेशन चलाया है। मंगलवार देर रात (2 जून) शुरू हुए इस विशेष अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन के दौरान बांग्लादेशी होने के संदेह में कुल 291 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 131 लोगों के अवैध रूप से भारत में रहने की पुष्टि होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, शेष 160 संदिग्धों से अभी भी गहन पूछताछ जारी है।
यह विशेष अभियान अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीमों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में संभावित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाना और गैर-कानूनी रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना था। पुलिस ने उन इलाकों को विशेष रूप से निशाना बनाया, जिन्हें लंबे समय से बांग्लादेशी घुसपैठियों के संभावित ठिकानों के रूप में देखा जाता रहा है। इनमें चंदोला झील क्षेत्र, गुलाबनगर और दानिलिमडा के खोडियारनगर के आसपास की झुग्गी-बस्तियां शामिल हैं। पुलिस टीमों के अचानक पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग भागने की कोशिश करते नजर आए।
ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिए गए सभी 291 लोगों को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच कार्यालय लाया गया, जहां उनकी पहचान और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह सत्यापित कर रही हैं कि संदिग्धों के पास मिले राशन कार्ड, वोटर आईडी, आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज असली हैं या फर्जी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन दस्तावेजों को किस नेटवर्क के माध्यम से तैयार कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन 131 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हो चुकी है, उनके खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट और इमिग्रेशन से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा और बाद में देश से निष्कासित (डिपोर्ट) करने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाकी 160 संदिग्धों की पहचान और सत्यापन है। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कई लोग सालों से मजदूरी और छोटे-मोटे रोजगार के बहाने स्थानीय आबादी के बीच रह रहे थे, जिससे उनकी पहचान करना आसान नहीं है।
पुलिस को आशंका है कि इस कार्रवाई से केवल अवैध घुसपैठियों का ही नहीं, बल्कि उन्हें भारत में बसाने वाले एजेंटों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोहों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ स्थानीय एजेंट अवैध तरीके से बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश दिलाने, उनके लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार कराने और रहने की व्यवस्था करने में शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।