राष्ट्रीय

खूंखार क्राइम के चलते सरकार ने रखा था 2.20 करोड़ का इनाम, टॉप माओवादी ने बंगाल में किया सरेंडर

Maoist Leader: ₹2.20 करोड़ के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश ने बंगाल में सरेंडर कर दिया है। झारखंड, ओडिशा और बंगाल में उस पर 55 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज थे। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
• •
Updated: 17 Sep 2026, 12:15 PM IST
Akash Maoist, Maoist Surrender, CPI Maoist
2.20 करोड़ के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल (फोटो सोर्स- IANS)

Maoist Surrender: नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। झारखंड और ओडिशा में कुल 2.20 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। उस पर झारखंड सरकार ने ₹1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने ₹1.20 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था। असीम लंबे समय से झारखंड के कोल्हान और सारंडा के जंगलों में माओवादी गिरोह चला रहा था।

55 से ज्यादा संगीन मामले, 5 नाम से चलाता था नेटवर्क

असीम मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के उत्तर फुलचुक गांव का रहने वाला है। वह पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करता था। संगठन में उसे आकाश, तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश जैसे छद्म नामों से सुरक्षा एजेंसियों को गच्चा देता आ रहा था। सुरक्षा बलों के रिकॉर्ड के अनुसार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में उसके खिलाफ हत्या, हमले और ब्लास्ट जैसे 55 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।

कई जवानों की शहादत और हमलों में था शामिल

असीम मंडल का नाम झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में हुए कई बड़े नक्सली हमलों और मुठभेड़ों से जुड़ा रहा है। मार्च 2026 में चाईबासा के मारंगपोंगा में हुई मुठभेड़ में 209 कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो जवान घायल हुए थे। इससे पहले अप्रैल 2025 में जराइकेला के राधापोरा में हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। जनवरी 2023 में टोंटो के तुंबाहाका जंगलों में आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में कोबरा बटालियन के 9 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। मई 2020 में कराइकेला के जोनवा इलाके में सुरक्षा बलों की टीम पर हुए अचानक हमले में एक जवान शहीद हुआ था, जबकि जुलाई 2018 में पूर्वी सिंहभूम की झाटी पहाड़ी पर हुई मुठभेड़ में भी सुरक्षा बल के एक जवान की जान चली गई थी।

सारंडा के जंगलों में छिपे हथियारों के डंप का चलेगा पता

आत्मसमर्पण के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां असीम मंडल से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस और खुफिया तंत्र को उम्मीद है कि असीम से पूछताछ के जरिए माओवादियों के वित्तीय तंत्र, नए कैडर की भर्ती और उनके रणनीतिक ठिकानों का ब्योरा मिलेगा। इसके अलावा, सारंडा और कोल्हान के घने जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, कारतूस और आईईडी विस्फोटक डंप का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।

Updated on:
17 Sep 2026, 12:15 PM IST
Published on:
Also Read
View All
हॉर्मुज में तीन तेल टैंकरों में लगी भीषण आग, ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा- अब और जोरदार हमला करेंगे

जाति जनगणना से किसान आंदोलन तक… जयराम रमेश ने दिवाली पर PM मोदी को पुराने बयानों की दिलाई याद

कोलकाता में लिव-इन पार्टनर की हत्या, विवाद के बाद धारदार हथियार से किया हमला; प्रेमिका और उसकी मां गिरफ्तार

बाबरी मस्जिद विध्वंस पर सोनिया गांधी के बयान का उदित राज ने किया समर्थन, बोले- 25 करोड़ मुसलमानों को अलग-थलग कर कैसे होगा देश का विकास?

बेटे की हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप! परविंदर झोटा के पिता बोले- जब तक दोषी जेल नहीं जाएंगे, चैन से नहीं बैठेंगे