देश ही आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। यहां पॉजिटिविटी रेट 30 फीसदी पर पहुंच गया है और अस्पतालों में भर्ती होने के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। सवाल ये उठ रहा है की क्या आर्थिक राजधानी में फिर से लगेगा लॉकडाउन–
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में गुरुवार को कोरोना वायरस के 20,181 नए केस सामने आए हैं। ये अब तक के मामलों में से सबसे ज्यादा मामले हैं। मुंबई में बीते 24 घंटे में 4 लोगों की मौतें हुई हैं। एक्टिव मामलों की संख्या 79,260 पहुंच गई है। आपको बता दें कि मुंबई में बुधवार को कोविड-19 से संक्रमण के 15,166 नए मामले आए थे जो कि मार्च 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा थे।
पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो:
महाराष्ट्र में कोरोना के 36265 नए मामले सामने आए हैं जबकि 13 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 8907 लोग ठीक हो गए हैं। वहीं राज्य में आज ओमिक्रॉन के 79 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद राज्य में इससे संक्रमित कुल मरीजों की संख्या 876 हो गई है।
क्या है मुंबई का पॉजिटिसिटी रेट:
आपको बता दें कि मुंबई में पॉजिटिविटी रेट 30 फीसदी पर पहुंच गया है। और साथ ही साथ अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या 87 फीसदी से गिरकर 85 फीसदी पर पहुंच गई है। इसके साथ ही देश की आर्थिक राजधानी के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी 16.8 फीसदी पर पहुंच गई है।
क्या एक बार फिर से लगेगा लॉकडाउन:
मुंबई में कोरोना की तेज रफ्तार को देखते हुए शहर में फिर से लॉकडाउन लगाए जाने का सवाल उठ रहा है। बता दें कि मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने मंगलवार को कहा था कि अगर यहां कोविड-19 के दैनिक मामले 20,000 का आंकड़ा पार करते हैं तो केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार शहर में लॉकडाउन लगाया जाएगा।
गोवा से लौटी क्रूज में कोरोना विस्फोट:
वहीं गोवा से मुंबई लौटे कॉर्डेलिया क्रूज पोत पर सवार 1,827 यात्रियों में से 139 और यात्री बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित मिले। ये संक्रमित उन 66 यात्रियों के अलावा हैं जिनमें पूर्व में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। 66 में से 60 यात्री मुंबई लौट आए जबकि छह गोवा में उतरे।
लॉकडाउन की क्या है उम्मीद:
महाराष्ट्र के स्वास्थ मंत्री राजेश टोपे ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर महाराष्ट्र में 40% बेड भरते हैं तो लॉकडाउन पर विचार किया जाएगा लेकिन फिहलाल लॉकडाउन का राज्य में कोई विचार नहीं है।
कब आयेगी पीक:
एक्सपर्ट राजेश टोपे के मुताबिक कोरोना की यह तीसरी लहर फरवरी तक पीक पर पहुंचेगी और मार्च के अंत तक कोरोना के मामले धीरे-धीरे कम होना शुरू होंगे।
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