रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में TMC सबसे ज्यादा घटनाओं में शामिल रही और उस समय उसका मुख्य मुकाबला CPI-M से था। लेकिन 2018 के बाद तस्वीर बदलने लगी। भारतीय जनता पार्टी तेजी से उभरी और मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन गई। साल 2021 के चुनाव में 278 घटनाओं में से 178 में TMC शामिल पाई गई, जबकि इन घटनाओं में सबसे ज्यादा निशाने पर BJP रही। पंचायत चुनाव 2023 में हिंसा का स्तर और बढ़ गया, हालांकि इसमें TMC की हमलावर भूमिका थोड़ी कम दिखी, लेकिन अलग-अलग दलों के बीच झड़पें बढ़ती रहीं।