पुलिस ने बताया कि अभियान में 1,039 साइबर फ्रॉड शिकायतों की पहचान हुई है, जिनमें 288 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेटवर्क सामने आया। आरोपी अपने और दूसरों के नाम पर बैंक खाते खोलकर कमीशन लेकर फ्रॉड का पैसा जमा करते, नकद में निकालते और अंगड़िया (हवाला) चैनल के जरिए ट्रांसफर करते थे। वे अपनी पहचान छिपाते और जानबूझकर साइबर अपराध से प्राप्त धन को हैंडल करते थे।