याचिका के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने 18 अप्रैल की रात करीब 8:30 बजे दूरदर्शन और संसद टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया था। यह संबोधन 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण संशोधन विधेयक) से जुड़े घटनाक्रम के बाद हुआ था। इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों की आलोचना की थी। उन्होंने इन दलों को महिला आरक्षण विरोधी बताते हुए मतदाताओं से उन्हें जवाबदेह ठहराने की अपील की।