
काकोली घोष। (Photo-IANS)
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंदर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। लोकसभा में दो तिहाई सांसदों ने विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया है। टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी को ज्वाइन कर लिया है।
वहीं, काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में उन्होंने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर अलग बैठने की भी मांग की है। काकोली घोष ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद कहा- हम 20 सांसदों ने अलग सीटिंग की मांग की है।
उन्होंने आगे कहा- हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय हो रहे हैं और देश के हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में साथ मिलकर काम करेंगे।
दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद बागी TMC सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने सबसे पहले बयान जारी किया था।
उन्होंने कहा- हमने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी के साथ विलय किया है; यह एक राजनीतिक पार्टी है, एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टी है। असली टीएमसी कौन है, यह अदालत तय करेगी।
यह विद्रोह अचानक नहीं हुआ है। हाल में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी में नाराजगी बढ़ गई थी।
कई सांसदों ने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज किया है। सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय जैसी दिग्गज नेता भी इस समूह में शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कुल संख्या 22 तक बताई जा रही है।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए यह बड़ा झटका है। लोकसभा में टीएमसी की ताकत कमजोर पड़ जाएगी। विद्रोहियों का दावा है कि वे बंगाल में कानून व्यवस्था की बदहाली, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं।
एक सांसद ने बताया- लोगों की आवाज दबाई जा रही थी। अब हम मोदी जी के नेतृत्व में विकास के एजेंडे पर काम करेंगे। यह घटना टीएमसी के अंदरूनी कलह को बाहर ला दी है और 2026 के बाद की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है।
एनडीए के लिए यह अच्छी खबर है। बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिलेगा। अमित शाह पहले से ही बंगाल पर फोकस कर रहे हैं। अगर ये सांसद स्थिर रहे तो NDA की संसद में ताकत बढ़ेगी।
Published on:
14 Jun 2026 09:38 pm
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