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Bankipur Result: BJP का अति आत्मविश्वास पड़ा भारी, प्रशांत किशोर ने घमंड छोड़ा तो पिघल गई बांकीपुर की जनता

Bankipur Result Quick Analysis: बांकीपुर उपचुनाव नतीजों के अब तक के रुझान में जन सुराज के प्रशांत किशोर बीजेपी के नीरज कुमार पर बढ़त बनाए हुए हैं। इस बढ़त के पीछे के कारणों का विश्लेषण पढ़ें।
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पटना

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Vijay Kumar Jha

Aug 03, 2026

Jan Suraaj Bankipur Lead

प्रशांत किशोर। (फोटो- IANS)

पेशेवर चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज का खाता बांकीपुर उपचुनाव से खुल गया है। किशोर 19324 वोट से भाजपा को हरा कर चुनाव जीत गए हैं। बांकीपुर विधान सभा क्षेत्र बनने के बाद पहली बार वहां बीजेपी का विधायक नहीं होगा।

बीजेपी की यह हार चुनावी लिहाज से भले ही छोटी लगती हो, लेकिन इनके पीछे का संदेश बहुत बड़ा है। संदेश यही है कि किसी सीट को लेकर कोई पार्टी या नेता यह भ्रम पाल ले कि वह उसका गढ़ है तो जनता कभी भी वह भ्रम तोड़ सकती है। इस हार का राष्ट्रीय स्तर पर भी यही संदेश है कि आपका कोर वोटर भी बिना सोचे-समझे हमेशा आपके साथ नहीं रहेगा और समय आने पर झटका देने में पीछे नहीं हटेगा।

2025 में बांकीपुर में भाजपा के नितिन नवीन को 98299 वोट मिले थे। करीब सात महीने बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी के नीरज कुमार को मात्र 44827 वोट मिले। भाजपा को भ्रम था कि यह सीट उसके अलावा और कोई पार्टी नहीं जीत सकती। शायद इसी भ्रम के चलते पार्टी के बड़े नेता ने बयान दिया कि बांकीपुर में भाजपा से कुत्ता-बिल्ली भी खड़ा कर दिया जाए तो जीत जाएगा।

इस चुनाव में बीजेपी की हार के पीछे जंतर मंतर (नई दिल्ली) पर हुआ छात्रों का आंदोलन भी एक कारण बना। प्रशांत किशोर ने छात्रों के उठाए मुद्दों को मुद्दा बनाया और यह उनके पक्ष में गया। यह मुद्दा ऐसा था कि छात्रों को देश के हर वर्ग का समर्थन मिला और अंततः केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। इस मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ पैदा हुई जन भावना को भुनाने में प्रशांत किशोर कामयाब रहे। अंततः उनकी जीत का संदेश यह भी है कि लगातार जन समर्थन अपने पक्ष में बनाए रखना लगभग असंभव है।

बांकीपुर में टॉप 15 उम्मीदवारों को मिले वोट

नाम (Candidate Name)पार्टी (Party Name)कुल वोट (Votes)
प्रशांत किशोरजन सुराज पार्टी64,151
नीरज कुमारभारतीय जनता पार्टी44,827
रेखा कुमारीराष्ट्रीय जनता दल14,273
मनोरंजन कुमार श्रीवास्तवप्रगतिशील जनता पार्टी973
तनवीर आलमराष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी864
प्रदीप कुमारभारतीय आम आवाम पार्टी781
बैजनाथ प्रसादभारतीय जवान किसान पार्टी383
अनिल दासनिर्दलीय (Independent)311
सिकंदर कुमारनिर्दलीय (Independent)264
जितेन्द्र दुबेअखिल भारतीय जन संघ257
रामबाबू प्रसादराष्ट्रीय गरीब दल240
मृत्युंजय कुमारराष्ट्रीय समाजहित दल233
सूरज कुमार यादवपीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)231
प्रेम शंकर प्रसादप्रौटिस्ट ब्लॉक, इंडिया225
मनीषा शर्माराष्ट्रीय अपना दल207

'आपको जिताते गए तो किसी को भी नहीं जिता देंगे' का संदेश?

बांकीपुर में बीजेपी का दबदबा कम होने के कई मायने हैं। यह सीट बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और उससे पहले उनके पिता की थी। नवीन की खाली की हुई सीट पर जन सुराज को बढ़त दे कर जनता ने संभवतः नितिन नवीन का यह भ्रम तोड़ने की कोशिश की है कि उन्हें जिताते रहे हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि वह किसी को भी थोप सकते हैं।

नितिन नवीन ने पहले अपने एक करीबी अभिषेक बंटी को बांकीपुर से उम्मीदवार बनाया था। बताया जाता है कि नवीन ने उनका नाम बिना किसी तय प्रक्रिया के तय कर लिया था। पार्टी के अंदर विरोध हुआ तो बंटी ने निजी कारणों से चुनाव से हटने का ऐलान किया। इसके बाद नीरज कुमार उम्मीदवार बनाए गए

जन सुराज ने इसे भी एक मुद्दा बनाया और भुनाया। ऐसा नरेटिव बनाने की कोशिश की गई बीजेपी ने बांकीपुर को अपनी जेब की सीट समझ ली है। प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा कहती है बांकीपुर में उसकी ओर से कुत्ता-बिल्ली को भी खड़ा किया जाए तो जीत होगी। मतलब बीजेपी बांकीपुर की पढ़ी-लिखी, समझदार जनता को कुत्ता-बिल्ली को चुनने लायक मानती है।

इसके अलावा जन सुराज ने यह नरेटिव भी बनाया कि प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी का असर यह है कि भाजपा को चुनाव से पहले ही उम्मीदवार बदलना पड़ा।

नए से भला 'नाम वाला'

अभिषेक बंटी हों या नीरज कुमार, दोनों ही उम्मीदवार एकदम नए थे। विधान सभा चुनाव का टिकट मिलना इनके लिए पहला अनुभव था। नितिन नवीन ने संदेश दिया कि जैसे उन्हें जनता ने जिताया, वैसे उनके 'अपने उम्मीदवार' को जिताएं। प्रशांत किशोर ने संदेश दिया कि नितिन नवीन सांसद बनने के चक्कर में बांकीपुर की जनता को छोड़ कर चले गए और अगर नवीन को बांकीपुर के लोगों की फिक्र होती तो विधायक रहते हुए भी भाजपा अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी निभा सकते थे। बांकीपुर की जनता के लिए यह गर्व की बात होती कि उनका विधायक भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष है। किशोर का यह नरेटिव भी काम कर गया लगता है।

बांकीपुर में बीजेपी का नया और कमजोर उम्मीदवार होना पार्टी के लिए ठीक नहीं रहा। बीजेपी ने या तो अति आत्मविश्वास में, या फिर कड़े मुकाबले के आसार देखते हुए यह निर्णय लिया। ज्यादा संभावना है कि फैसला अति आत्मविश्वास में लिया गया। लोगों ने उम्मीदवार की तुलना की तो प्रशांत किशोर बेहतर और नया विकल्प लगे। उन्हें लगा जिस परिवार को उन्होंने हमेशा वोट दिया, जब उसका उम्मीदवार है ही नहीं तो नया (और अपेक्षाकृत मजबूत) विकल्प देखा जाए। वह कम से कम 'नाम वाला' तो है।

प्रशांत किशोर कई साल से बिहार में राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। इसके लिए उन्होंने लगभग पूरे राज्य का दौरा किया और 2025 के विधान सभा चुनाव में सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए। लेकिन, सफलता नहीं मिली।

PK के नरम हुए तेवर ने भी दिखाया असर!

2025 के विधान सभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने रणनीति के साथ-साथ अपने तेवर भी बदले हैं। विधान सभा चुनाव के समय किशोर की बातों में तल्खी, अति आत्मविश्वास और कभी-कभी घमंड भी दिखता था। उपचुनाव के दौरान उनके बात-व्यवहार में घमंड का भाव कम देखने को मिला। इस चुनाव में उनके इस बदले बर्ताव ने भी निश्चित रूप से उनके लिए सकारात्मक काम किया।

30 साल पुराना बीजेपी का किला

बांकीपुर विधान सभा सीट 2008 में बनी है। पहले यह पटना पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में आता था। 1995 से 20025 तक यहां बीजेपी के अलावा कोई पार्टी नहीं जीती। नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की मृत्यु की वजह से यहां 2006 में उपचुनाव हुआ तो पहले बार नितिन नवीन यहां से विधायक बने। उसके बाद वह भी लगातार जीतते ही रहे। भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें पार्टी ने राज्य सभा भेजा तब इस सीट पर एक बार फिर उपचुनाव की नौबत आई।

बांकीपुर: कब कौन रहा विधायक

वर्ष (Year)नाम (Name)दल / पार्टी (Party)
1957रामशरण सावइंडियन नेशनल कांग्रेस
1962कृष्ण बल्लभ सहायइंडियन नेशनल कांग्रेस
1967महामाया प्रसाद सिन्हाजन क्रांति दल
1969ए. के. सेनकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
1972सुनील मुखर्जीकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
1977ठाकुर प्रसादजनता पार्टी
1980रंजीत सिन्हाइंडियन नेशनल कांग्रेस
1985रामा नंद यादवनिर्दलीय (Independent)
1990रामा नंद यादवनिर्दलीय (Independent)
1995नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2000नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2005नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2005नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2006 सेनितिन नवीनभारतीय जनता पार्टी