आंदोलन तेज होते देख जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन को नोटिस वापस लेना पड़ा। प्रधानाचार्या मांसी सिंह ने बताया कि नोटिस का मकसद शादी रोकना नहीं था। उन्होंने कहा, हमारा इरादा किसी की भावनाएं आहत करना या शादी रोकना नहीं था। समस्या अटेंडेंस की है। कोर्स में 100% क्लिनिकल और 85% थ्योरी अटेंडेंस जरूरी है। शादी के बाद कई छात्राएं अटेंडेंस पूरी नहीं कर पातीं और अभिभावक दबाव बनाते हैं। प्रधानाचार्या ने स्पष्ट किया कि शादी पर कोई औपचारिक सरकारी नियम नहीं है, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए चेतावनी दी गई थी।