यह पूरा मामला भारत ब्रांड प्रोग्राम से जुडा है, जिसे 2023 में शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य महंगाई से राहत देने के लिए चना दाल जैसे जरूरी खाद्य पदार्थों को सब्सिडी दर पर उपलब्ध कराना था। यह योजना राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF) जैसी एजेंसियों के माध्यम से लागू की जाती है। लेकिन इस मामले में सबसे बडा सवाल वितरण प्रक्रिया को लेकर उठ रहा है, जहां सरकारी कोऑपरेटिव की बजाय एक निजी फर्म को शामिल किया गया। विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव ने पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खडे कर दिए हैं।