
शिगेला बैक्टीरिया से होने वाला संक्रामक रोग है। (Photo- IANS)
Shigella: केरल में शिगेला संक्रमण के 126 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और रोकथाम उपाय तेज कर दिए हैं। कोझिकोड में चार वर्षीय बच्ची नीला की मौत, राज्य में इस संक्रमण से पहली मौत के तौर पर दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि संक्रमित तीन बच्चों में से दो स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वायनाड में 164 छात्रों के उल्टी-दस्त से बीमार होने की भी जांच चल रही है, हालांकि शुरुआती जांच में इसका शिगेला से संबंध नहीं मिला है। सरकार ने सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं।
शिगेला एक संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो आंतों को प्रभावित करता है और मुख्य रूप से दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलता है…
शिगेला एक बैक्टीरिया जनित बीमारी है जो पाचन तंत्र, खासकर आंतों को प्रभावित करती है। यह अत्यधिक संक्रामक है और दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से फैल सकती है। वैश्विक स्तर पर हर वर्ष इसके 8 से 16.5 करोड़ मामले और लगभग छह लाख मौतें होने का अनुमान है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इसका खतरा सबसे अधिक माना जाता है।
संक्रमण के लक्षण आमतौर पर एक-दो दिन बाद दिखाई देते हैं। इनमें दस्त, मल के साथ खून आना, पेट दर्द या ऐंठन, बुखार, ठंड लगना, मतली, शरीर में पानी की कमी और वजन घटना शामिल हैं। कुछ संक्रमित लोगों में लक्षण नहीं दिखते, लेकिन वे संक्रमण फैला सकते हैं।
यह रोग दूषित भोजन और पानी के सेवन से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आने, हाथ ठीक से न धोने, संक्रमित बच्चे का डायपर बदलने के बाद स्वच्छता न रखने या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से भी संक्रमण फैल सकता है।
हाथों को साबुन से बार-बार धोएं, फल-सब्जियों को अच्छी तरह साफ करें, संदिग्ध जल स्रोतों का पानी न पिएं और केवल सुरक्षित या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें। भोजन तैयार करते समय स्वच्छता रखें और दस्त होने पर पर्याप्त आराम करें व तरल पदार्थ लें। गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
Updated on:
09 Jun 2026 03:22 am
Published on:
09 Jun 2026 03:22 am
