
इंडिया ब्लॉक की बैठक में 23 राजनीतिक दल मौजूद रहे। (Photo- IANS)
India Bloc meeting: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरते मतभेद, राज्यों में क्षेत्रीय दलों के सामने बदलते राजनीतिक समीकरण और भाजपा के लगातार मजबूत चुनावी प्रदर्शन के बीच इंडिया ब्लॉक को एक बार फिर सक्रिय किया जा रहा है। सोमवार को 23 दलों की मौजूदगी वाली बैठक से विपक्ष ने बिखरे हुए दलों को फिर एक साझा राजनीतिक एजेंडे और संघर्ष के मंच पर लाने का प्रयास किया। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमने 17 अप्रेल को लोकसभा में एकजुटता से डिलिमिटेशन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया। हम आगे भी लड़ेंगे और जीतेंगे।
डीएमके के इंडिया ब्लॉक से बाहर होने और टीएमसी में दो फाड़ की आशंका के बीच इंडिया ब्लॉक की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में देश राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति संबंधी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में विपक्ष को सामूहिक रूप से संघर्ष तेज करना चाहिए और अधिक समन्वय के साथ काम करना चाहिए।
बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सोनिया गांधी ने एक-दूसरे को गले लगाया। ममता बनर्जी, सोनिया गगांधी के बगल में बैठीं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बैठक का संचालन किया।
बैठक में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी, राजद के तेजस्वी यादव, एनसीपी (शरद) की सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती, वामपंथी दलों के डी. राजा, दीपांकर भट्टाचार्य, जोस के. मणि, वाइको और कपिल सिब्बल सहित विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहे।
बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रमुख और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
Updated on:
09 Jun 2026 03:50 am
Published on:
09 Jun 2026 03:50 am
