
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले ऑस्ट्रेलिया की पूर्व शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने छोड़ा था पद | फाइल फोटो
Dharmendra Pradhan News: राजनीति में कब किसकी कुर्सी चली जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन जब सिर्फ 48 घंटे के अंदर दुनिया के दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के शिक्षा मंत्रियों को अपना पद छोड़ना पड़े, तो यह खबर चर्चा का विषय बन जाती है। भारत में जहां शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद और भारी विरोध के बाद इस्तीफा दे दिया, वहीं इससे ठीक दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसा ही बड़ा उलटफेर देखने को मिला। वहां की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई मंत्री पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ था और जांच में उन्हें पूरी तरह 'क्लीन चिट' मिल गई थी, फिर भी उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए खुद ही इस्तीफा दे दिया।
पिछले काफी समय से NEET परीक्षा को लेकर भारी बवाल चल रहा है। पेपर लीक के आरोपों, छात्रों के उग्र प्रदर्शनों और विपक्ष के तीखे हमलों के कारण सरकार पर काफी दबाव था। छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे थे। आखिरकार, बढ़ते राजनीतिक दबाव और नैतिक जिम्मेदारी को देखते हुए शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से ठीक 48 घंटे पहले ऑस्ट्रेलिया के 'ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी' (ACT) की उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
यह पूरा मामला 'कैंपबेल प्राइमरी स्कूल' को दोबारा बनाने के लिए दिए गए करोड़ों डॉलर के सरकारी ठेके (टेंडर) से जुड़ा है. इस मामले की जांच करने वाले आयोग ने पाया कि शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों और मंत्री यवेट बेरी के चीफ ऑफ स्टाफ ने मिलकर भ्रष्टाचार किया था। इन अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर एक खास यूनियन को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में हेराफेरी की थी।
इस पूरी जांच में खुद शिक्षा मंत्री यवेट बेरी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। जांच आयोग ने उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट दे दी और उनके खिलाफ कोई गलत बात नहीं कही. इसके बावजूद, गुरुवार (23 जुलाई) को उन्होंने खुद ही पद छोड़ने का फैसला किया।
इस्तीफा देते हुए यवेट बेरी ने कहा कि मैंने कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा है, चाहे हालात कितने ही मुश्किल क्यों न हों। मैं अपने स्टाफ की गलतियों की पूरी जिम्मेदारी लेती हूं। मैंने यह फैसला इसलिए किया ताकि इस जांच रिपोर्ट को लेकर संसद और जनता के बीच कोई राजनीतिक तमाशा या ड्रामा न खड़ा हो।
Updated on:
26 Jul 2026, 7:43 AM IST
Published on:
26 Jul 2026, 7:17 AM IST
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