
NEET पेपर लीक केस में आरोपी मनीषा संजय हवलदार | फोटो सोर्स-X(@jpsin1)
CJP Protest:NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देशभर में जारी हंगामे के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। इस पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटी CBI को कोर्ट से बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को इस मामले की मुख्य आरोपियों में से एक, मनीषा संजय हवलदार की हैंडराइटिंग और सिग्नेचर (हस्ताक्षर) के कुछ और नए सैंपल लेने की अनुमति दे दी है। अदालत का मानना है कि मामले की गहराई तक जाने और फोरेंसिक जांच को पुख्ता करने के लिए ये नए सैंपल बहुत जरूरी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जेल अधीक्षक को विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि 27 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक यानी 3 दिनों के भीतर जेल के अंदर ही CBI अफसरों को आरोपी की लिखावट के नए सैंपल लेने दिए जाएं। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में होनी चाहिए और जेल प्रशासन को इसके लिए सारे जरूरी इंतजाम करने होंगे।
सरकारी वकील नीतू सिंह ने कोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि मनीषा संजय हवलदार इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा है। जांच में पता चला है कि मनीषा ने अपने हाथ से लिखे हुए फिजिक्स के सवाल एक दूसरी आरोपी मनीषा मांधरे को भेजे थे। जांच टीम को मनीषा मांधरे के मोबाइल फोन से हाथ से लिखे इन सवालों की तस्वीरें भी मिली हैं। इसके अलावा CBI ने दावा किया कि मनीषा हवलदार ने एक और आरोपी तेजस हर्षद कुमार शाह को भी फिजिक्स के सवाल बोल-बोलकर नोट करवाए थे।
CBI ने कोर्ट को बताया कि उन्हें 30 मई 2026 को भी आरोपी की लिखावट के सैंपल लेने की इजाजत मिली थी। लेकिन इस घोटाले से जुड़े कागजात इतने ज्यादा हैं कि हर एक पन्ने की सही और निष्पक्ष फोरेंसिक जांच करने के लिए उन्हें कुछ और नए सैंपल्स की जरूरत पड़ रही है।
आरोपी मनीषा के वकील ने CBI की इस मांग का कोर्ट में जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि CBI यह साफ-साफ नहीं बता पा रही है कि उन्हें दोबारा हैंडराइटिंग के सैंपल क्यों चाहिए। वकील ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल से पहले ही करीब 60 पन्नों पर लिखवाया जा चुका है, जो जांच के लिए काफी है। इसके बावजूद CBI यह नहीं बता पा रही है कि पुराने सैंपल जांच के लिए कम क्यों पड़ रहे हैं।
वकील ने यह भी कहा कि आरोपी एक बुजुर्ग महिला हैं और बार-बार उनसे लिखवाना उन्हें बिना वजह परेशान करने जैसा है। उन्होंने साफ किया कि आरोपी ने जांच में अब तक पूरा साथ दिया है और जांच टीम ने जो भी लिखने को कहा, वह सब लिखा है। वहीं कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सबूतों को ज्यादा जरूरी माना और CBI को नए सैंपल लेने की इजाजत दे दी।
Updated on:
23 Jul 2026, 11:48 AM IST
Published on:
23 Jul 2026, 10:21 AM IST
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