
(DDA) का यह कदम सालों से अटकी हाउसिंग परियोजनाओं को नई जिंदगी देने की कोशिश है। फोटो सोर्स- ANI
DDA Housing Scheme: दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) एक बड़ा मौका लेकर आया है। डीडीए अब नरेला में बने 1200 फ्लैट्स को बेचने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि इन फ्लैट्स पर 25 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। हालांकि इस छूट का फायदा हर किसी को नहीं मिलेगा, इसके लिए एक खास शर्त पूरी करनी होगी।
डीडीए के मुताबिक, यह योजना मुख्य रूप से कॉरपोरेट कंपनियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लाई गई है। अगर कोई बड़ी कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ये फ्लैट खरीदती है या केंद्र सरकार के कर्मचारी तय नियमों के तहत आवेदन करते हैं, तो उन्हें इस खास छूट का लाभ मिल सकता है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 24 जुलाई से शुरू होगी।
दरअसल, डीडीए के नरेला इलाके में बड़ी संख्या में फ्लैट कई सालों से खाली पड़े हुए हैं। इन फ्लैट्स को खरीदार नहीं मिलने की सबसे बड़ी वजह इलाके में सुविधाओं की कमी रही है। लोग घर खरीदने से पहले आसपास की कनेक्टिविटी, स्कूल, अस्पताल, बाजार और रोजगार के मौके देखते हैं। नरेला में इन सुविधाओं के धीमे विकास के कारण यहां घरों की मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई।
अब डीडीए को उम्मीद है कि आने वाले समय में नरेला की तस्वीर बदल सकती है। इलाके में सड़क नेटवर्क, मेट्रो विस्तार और दूसरी बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी आने से इस क्षेत्र में रहने वालों की संख्या बढ़ सकती है और खाली पड़े फ्लैट्स को खरीदार मिल सकते हैं।
इस योजना के जरिए डीडीए एक साथ बड़ी संख्या में फ्लैट बेचने की कोशिश कर रहा है। कॉरपोरेट कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए समूह में फ्लैट खरीद सकती हैं, जबकि सरकारी कर्मचारी भी नियमों के अनुसार इसका फायदा उठा सकते हैं। इससे डीडीए के खाली पड़े मकानों का बोझ कम होगा और लोगों को कम कीमत में घर खरीदने का मौका मिलेगा।
हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या सिर्फ 25 फीसदी छूट से नरेला में लोगों की रुचि बढ़ जाएगी? जानकारों का मानना है कि सस्ती कीमत के साथ-साथ अच्छी सुविधाएं भी जरूरी हैं। अगर यहां परिवहन व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल और बाजार जैसी सुविधाएं तेजी से विकसित होती हैं, तो नरेला आने वाले समय में दिल्ली के नए रिहायशी इलाकों में शामिल हो सकता है।
डीडीए की यह योजना सिर्फ फ्लैट बेचने की कोशिश नहीं है, बल्कि लंबे समय से खाली पड़े सरकारी आवासों को इस्तेमाल में लाने का एक नया तरीका भी है। अगर यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में दूसरी सरकारी हाउसिंग एजेंसियां भी इसी तरह की छूट और समूह बिक्री वाली योजनाएं अपना सकती हैं।
Updated on:
23 Jul 2026 10:21 am
Published on:
23 Jul 2026 10:18 am
