
जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प | फोटो सोर्स- X(@Guptaofficial07)
CJP Protest Violence: दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर जंग का मैदान बन गया। NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी हिंसा में बदल गया। बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर झड़प हुई। इस पथराव में दो ACP और दो इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस का आरोप है कि भीड़ ने एक पुलिसकर्मी को घेरकर जान से मारने की भी कोशिश की। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना बुधवार शाम करीब 8:30 बजे कनॉट प्लेस के पास टॉल्स्टॉय मार्ग पर हुई। जंतर-मंतर पर जमा भीड़ अचानक हिंसक होकर टॉल्स्टॉय मार्ग की तरफ बढ़ने लगी। सुरक्षा बलों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। इस हमले में कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस प्रशासन का दावा है कि शुरुआत में उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांति से समझाने की कोशिश की थी। यहां तक कि CJP के नेताओं को बुलाकर भीड़ को शांत करने की अपील भी करवाई गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपने ही नेताओं की बात नहीं मानी। पुलिस ने आरोप लगाया कि उकसाऊ नारे लगा रही भीड़ ने एक पुलिसकर्मी को चारों तरफ से घेर लिया और उसे पीट-पीटकर मारने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाठियां, तलवारें और खुखरी जैसे हथियार भी देखे गए, जिसके बाद पुलिस को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा।
इस भारी बवाल के बीच कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाली नहीं है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत का न्योता मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया है। पार्टी की मांग है कि बातचीत किसी मंत्री के घर या दफ्तर में नहीं, बल्कि जनता के बीच या किसी तटस्थ (Neutral) जगह पर होनी चाहिए। इसके साथ ही पार्टी आंदोलनकारी छात्रों पर कोई नया केस (FIR) दर्ज न करने की संप्रभु गारंटी भी मांग रही है।
यह पूरा विवाद 20 जून को NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ शुरू हुआ था। इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जो छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन अब दिल्ली के अलावा राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में फैल चुका है। वहीं दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की याचिकाओं पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है और घटनास्थल के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
Updated on:
23 Jul 2026 07:48 am
Published on:
23 Jul 2026 07:20 am
