
सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल भेजने की मांग पर वकील का बयान | फोटो सोर्स- IANS
Sonam Wangchuk Health Update: सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और उन्हें सरकारी अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल (मेदांता) में शिफ्ट करने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विस्तृत आदेश जारी किया है। हालांकि, अदालत के इस रुख के बाद सोनम वांगचुक के वकीलों ने प्रशासन और व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और कपिल सिब्बल ने मरीज के अधिकारों को लेकर कोर्ट के बाहर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने बताया कि आज हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी और अलग-अलग बिंदुओं पर अपना विस्तृत आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट को उनकी पत्नी के साथ साझा किया जाए, ताकि परिवार को उनकी सेहत की पूरी जानकारी रहे।
विवेक तंखा ने सफदरजंग अस्पताल के माहौल पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमने वहां के खराब माहौल को लेकर भी शिकायत उठाई है। सोनम वांगचुक के कमरे के पास या बाहर 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं और ग्राउंड फ्लोर पर करीब 100 पुलिसकर्मी मौजूद हैं। ऐसे माहौल में क्या किसी मरीज का ब्लड प्रेशर कम होने के बजाय और नहीं बढ़ेगा। सोनम वांगचुक को ठीक होने के लिए अपने अनुकूल माहौल और अपने डॉक्टरों की जरूरत है।
वकील ने साफ किया कि यह सफदरजंग या AIIMS पर भरोसा न होने का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक से मिलने गए परिवार के लोगों ने साफ कहा है कि वह बार-बार सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर भरोसा न होने की बात कहते हैं। वह मेदांता अस्पताल जाना चाहते हैं, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। यही सबसे बड़ा सवाल है।
अदालत के अंदर हुई बहस का जिक्र करते हुए विवेक तंखा ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल आज बार-बार कोर्ट में यही कहते रहे कि देखिए, यह मेरा शरीर है और मेरा परिवार है। मुझे स्वस्थ होना है, तो आप मुझे अपनी पसंद के डॉक्टरों के साथ रहने या अपने अस्पताल में रहने के लिए कैसे मजबूर कर सकते हैं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि आप मुझे कौन-सा इंट्रावेनस फ्लूइड (दवा या ग्लूकोज) दे रहे हैं।
हाई कोर्ट के इस रुख के बाद अब सोनम वांगचुक के वकील इस मामले को आगे ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। विवेक तंखा ने कहा कि अब हम इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करने जा रहे हैं। हम कल ही डिवीजन बेंच के समक्ष पेश होंगे। जो LPA हम दाखिल कर रहे हैं, उसके जरिए हम यह बड़ा सवाल उठाना चाहते हैं कि क्या किसी व्यक्ति को अपना अस्पताल और अपना डॉक्टर चुनने का अधिकार नहीं है।
Updated on:
19 Jul 2026 05:58 pm
Published on:
19 Jul 2026 05:32 pm
