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NEET-UG पेपर लीक मामला: CBI ने डॉक्टर मनोज शिरुरे की जमानत का किया विरोध, कहा- यह राष्ट्र के खिलाफ अपराध

NEET Exam Leak Latest News: CBI ने कहा कि NEET परीक्षा भारत के साथ-साथ 14 विदेशी परीक्षा केंद्रों पर भी आयोजित की गई थी। ऐसे में इस पेपर लीक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि पर सवाल खड़े किए।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 16, 2026

CBI opposes bail in NEET paper leak

CBI ने डॉ. शिरुरे की जमानत याचिका का किया विरोध (File Photo)

NEET UG 2024 Paper Leak Case: नीट यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को दिल्ली की कोर्ट में आरोपी डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे की जमानत याचिका का विरोध किया है। कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि यह केवल आपराधिक मामला नहीं है, यह राष्ट्र के खिलाफ अपराध है। जिसके कारण देश की साख को नुकसान पहुंचा है और लाखों छात्रों का भविष्य भी प्रभावित हुआ है। 

कोर्ट में मामले की सुनवाई सीबीआई जस्टिस अजय गुप्ता ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा। मामले में अब अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। 

कोर्ट में CBI ने क्या दी दलीलें

कोर्ट में सीबीआई की तरफ से वरिष्ठ लोक अभियोजनक नीतू सिंह पेश हुए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में परीक्षा देने वाले छात्रों पर भी पड़ा है। पेपर लीक की वजह से परीक्षा को रद्द करना पड़ा, जिससे लाखों छात्रों को परेशानी हुई। 

उन्होंने कोर्ट में सरकार को हुए नुकसान का भी जिक्र किया। CBI ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में करीब 600 करोड़ रुपये का सरकार को नुकसान हुआ है। एजेंसी ने कोर्ट में यह भी दावा किया कि पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम भी उठाया है। 

CBI ने कहा कि NEET परीक्षा भारत के साथ-साथ 14 विदेशी परीक्षा केंद्रों पर भी आयोजित की गई थी। ऐसे में इस पेपर लीक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि पर सवाल खड़े किए।

आरोपी पर लगाए गंभीर आरोप

सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे ने पैसों को अपनी बहन के खाते में ट्रांसफर किए। एजेंसी ने कहा कि यदि पैसा वैध होता तो उसे दूसरे खाते में भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि चैट रिकॉर्ड और गवाहों के बयान आरोपी की साजिश में सक्रिय भूमिका की पुष्टि करते हैं।

CBI ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी किसी विशेष कठिनाई का सामना नहीं कर रहा है, क्योंकि उसकी पत्नी भी डॉक्टर हैं और अस्पताल का संचालन संभाल रही हैं।

बचाव पक्ष की दलील

डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे की तरफ से कोर्ट में पेश वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप केवल सह-आरोपी प्रह्लाद कुलकर्णी के कथित खुलासे पर आधारित हैं। उन्होंने तर्क दिया कि केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर किसी की भूमिका तय नहीं की जा सकती।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि डॉ. शिरुरे के खिलाफ कोई ठोस या आपत्तिजनक साक्ष्य नहीं है और उनके फरार होने की भी कोई आशंका नहीं है।

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