
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा (फोटो- ANI)
Behbal Kalan case: पंजाब की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को 2015 में बेबल कलां और कोटकपूरा में हुई बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद हुई पुलिस फायरिंग के मामलों में समन भेजा है। कांग्रेस नेता और सांसद सुखविंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस कदम के मकसद पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे पूरी तरह से राजनीतिक स्टंट बताया है।
सुखबीर सिंह बादल को SIT का समन भेजे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद सुखविंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मैं भगवंत मान से पूछना चाहता हूं कि चार साल से ज्यादा समय से हर कोई कह रहा है कि यह (बादल) परिवार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी में शामिल था। क्या मान साहब को यह बात अब समझ आ रही है? ठीक तब, जब उनका कार्यकाल खत्म होने वाला है? इतने सालों में सुखबीर सिंह बादल को एक बार भी समन क्यों नहीं भेजा गया? एल.के. यादव कमेटी की रिपोर्ट कहां गायब हो गई? मुख्यमंत्री के पास पंजाब के लिए क्या योजनाएं हैं?"
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि जो लोग धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मुद्दे का राजनीतिकरण करके सत्ता में आए, उन्होंने जांच के नाम पर सिर्फ समय बर्बाद किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही व्यक्ति (पंजाब के CM भगवंत मान) हैं जिन्होंने दावा किया था कि वह बेअदबी का मुद्दा उठाएंगे और दोषियों को सज़ा दिलाएंगे। फिर भी, उन्हें सिर्फ एक दस्तावेज पर कार्रवाई शुरू करने में पांच साल लग गए। भगवंत मान को पंजाब की जनता को जवाब देना होगा कि फरीदकोट में चल रहे बेअदबी के मामले को चंडीगढ़ क्यों ट्रांसफर किया गया और मुख्यमंत्री ने उस समय इस ट्रांसफर का विरोध क्यों नहीं किया?
पंजाब में कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने पर रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नुकसान सिर्फ कैप्टन अमरिंदर सिंह की नीतियों की वजह से हुआ। उन्होंने कहा, "हम (पंजाब में) सत्ता से बाहर क्यों हुए? क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह पूरी तरह से कंप्रोमाइज्ड कर लिया था। उनके काम करने का तरीका ही मुख्य वजह थी कि हमने कैप्टन साहब से अपना समर्थन वापस ले लिया।"
गौरतलब है कि अक्टूबर 2015 में सिख समुदाय फरीदकोट जिले के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सिख समुदाय द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे थे। इसी दौरान कोटकपूरा और बहबल कलां में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। बहबल कलां पुलिस फायरिंग में दो सिख प्रदर्शनकारियों (गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह) की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
Updated on:
16 Jul 2026 04:37 pm
Published on:
16 Jul 2026 04:37 pm
