
NEET UG पेपर लीक मामला (IANS)
NEET Paper Leak Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के किसी अधिकारी या अन्य सरकारी कर्मचारी की भागीदारी के अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं। CBI की जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र NTA से जुड़े उन शिक्षकों के जरिए बाहर पहुंचा, जिन्हें प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 13 -आरोपी निजी व्यक्ति हैं।
जांच एजेंसी इस मामले में इसी महीने अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल सबूत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई है। CBI ने करीब 170 मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव से मिले डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया है। इसके अलावा NTA, आरोपियों, छात्रों और देश के अलग-अलग शहरों में मौजूद कोचिंग संस्थानों से मिले हजारों दस्तावेजों की भी रिव्यु की जा रही है।
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों में तीन टीचर भी शामिल हैं, जिन पर प्रश्नपत्र लीक करने की अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
CBI की चार्जशीट में इन तीनों शिक्षकों की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण शामिल किया जाएगा।
जांच के दौरान सरकारी अधिकारियों की भूमिका सामने नहीं आने के कारण CBI को चार्जशीट दाखिल करने से पहले किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। एक जांच अधिकारी के अनुसार, अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि NTA अधिकारियों या किसी अन्य सरकारी अधिकारी ने प्रश्नपत्र लीक करने में मदद की।
सीबीआई के मुताबिक, केमिस्ट्री का पेपर बनाने वाले पीवी कुलकर्णी ने अप्रैल 2026 में पुणे में अपने घर पर कुछ स्टूडेंट्स के लिए कोचिंग क्लास लगाई थी। आरोप है कि इन क्लासों में लीक हुए सवाल, उनके ऑप्शन और सही जवाब कुछ चुनिंदा स्टूडेंट्स को लिखवाए गए। जांच के दौरान छात्रों की लिखी हुई कॉपियों को असली प्रश्नपत्र से मिलाया गया, जिसमें कई सवाल और जवाब आपस में मिलते-जुलते पाए गए। इसी तरह, बॉटनी की लेक्चरर मनीषा मंधारे पर आरोप है कि उनके पास 27 अप्रैल से बॉटनी और जूलॉजी के सवालों की जानकारी थी। सीबीआई का कहना है कि उन्होंने कुछ लोगों की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया और अपने घर पर क्लास लगाकर उन्हें पेपर से जुड़ी जानकारी दी। वहीं, फिजिक्स एक्सपर्ट मनीषा हवलदार पर आरोप है कि उन्हें फिजिक्स के पूरे सवालों की जानकारी थी और उन्होंने कथित तौर पर ये जानकारी दूसरे आरोपियों और कुछ छात्रों तक पहुंचाई।
Updated on:
11 Jul 2026 10:55 am
Published on:
11 Jul 2026 10:54 am
